Rajasthan Farmers News : अब बीज कंपनियों के ‘गड़बड़झाले’ से किसानों को ‘सुरक्षा कवच’, जानें भजनलाल सरकार के क्या हैं बड़े फैसले?

राजस्थान के लाखों कपास उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने खरीफ-2026 सीजन के लिए बीटी कपास (BG-II, GFM) हाइब्रिड बीजों की बिक्री और खेती की अनुमति जारी कर दी है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने स्पष्ट किया है कि इस बार बीज कंपनियों को केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि किसानों की फसल सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरना होगा। प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार 34 कंपनियों को बीज आपूर्ति के लिए अधिकृत किया गया है।

विशेष अलर्ट: इन बीजों पर रहेगा प्रतिबंध

राजस्थान के प्रमुख कपास बेल्ट- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

सफेद मक्खी और वायरस का खतरा: कॉटन लीफ कर्ल वायरस (CLCuD) और सफेद मक्खी के प्रति संवेदनशील बीटी कपास किस्मों की बिक्री इन जिलों में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

अनिवार्य परीक्षण: हर हाइब्रिड बीज का एटीसी (ATC) और केवीके (KVK) फार्मों पर कड़ा परीक्षण होगा। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनियों को परीक्षण के लिए बीज उपलब्ध कराने होंगे।

खरीफ–2026 के लिए राजस्थान में बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री की अनुमति जारीhttps://t.co/qjfnAVvBRJ

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) April 20, 2026

किसानों के लिए ‘थ्री-लेयर’ ट्रेनिंग और हिंदी गाइड

ज्ञान-आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कंपनियों पर कुछ अनिवार्य शर्तें थोपी हैं:

त्रि-स्तरीय प्रशिक्षण: बीज कंपनियां बुवाई से पहले, फसल बढ़ते समय और कटाई के दौरान किसानों को ट्रेनिंग देंगी।

हिंदी में गाइड: हर बीज पैकेट के साथ हिंदी में तैयार ‘कृषि पद्धतियों का पैकेज’ देना अनिवार्य होगा ताकि किसान खाद और पानी का सही प्रबंधन समझ सकें।

रिफ्यूज बीज का नियम: गुलाबी सुंडी से बचाव के लिए खेत के 20% हिस्से या पांच सीमावर्ती कतारों में ‘नॉन-बीटी’ (रिफ्यूज) बीज लगाना अनिवार्य है, जो बीज पैकेट के साथ ही मिलेगा।

राज्य सरकार द्वारा गैर–संशोधित (BG‑II, GFM) बीटी कपास हाइब्रिड की व्यवसायिक खेती के लिए, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) तथा बीटी कपास पर, स्थायी समिति की सिफारिशों के अनुसार खरीफ‑2026 के लिए, बीटी कपास हाइब्रिड… pic.twitter.com/SGj8JF4M91

— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) April 21, 2026

नकली बीज और कालाबाजारी पर लगाम: QR कोड अनिवार्य

बीज की गुणवत्ता और सही कीमत सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने ‘डिजिटल कवच’ तैयार किया है:

यूनिक QR कोड: प्रत्येक बीज पैकेट पर एक अद्वितीय QR कोड और वैध संपर्क नंबर होगा, जिससे किसान बीज की असलियत जान सकेंगे।

कीमत नियंत्रण: कंपनियां सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम-अधिकतम दरों से एक रुपया भी ज्यादा नहीं वसूल सकेंगी। उल्लंघन करने पर बीज नियंत्रण आदेश-1983 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

प्रदेश में खरीफ 2026 हेतु उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता

उर्वरकों के अवैध भण्डारण, डायवर्जन, कालाबाजारी रोकने हेतु विभाग द्वारा सख्ती से की जा रही कार्यवाही

अनियमितता पाये जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेताओं को बख्शा नहीं जायेगा – कृषि मंत्रीhttps://t.co/zoXrOUBuFk pic.twitter.com/CRiLxjgDRs

— सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, राजस्थान सरकार (@DIPRRajasthan) April 14, 2026

सहकारी क्षेत्र को प्राथमिकता: छोटे किसानों की जीत

मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, राज्य सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए KVSS, GSS और FPOs जैसी सहकारी संस्थाओं को 15-20% बीज आवंटन में प्राथमिकता दी है। इससे अब किसानों को बीज के लिए प्राइवेट डीलरों के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे और उचित दर पर उच्च गुणवत्ता वाला बीज उनके घर के पास उपलब्ध होगा।