Rajasthan: ‘होने वाले हैं बाल विवाह…’, बाजारों में नाबालिग दूल्हा-दुल्हन कर रहे खरीदारी, जानें क्या बोले तहसीलदार

शादी के सीजन की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर बाल विवाह की आहट सुनाई देने लगी है। अक्षय तृतीया (आखातीज) के सावे नजदीक आते ही नगर के बाजारों में नाबालिग दूल्हा-दुल्हन खरीददारी करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आने वाले दिनों में होने वाले बाल विवाह का संकेत है।

पिछले वर्षों में आखातीज पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहता था। पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से अभियान चलाकर गांव-गांव निगरानी करता था और संदिग्ध मामलों में तुरंत हस्तक्षेप कर बाल विवाह रुकवाए जाते थे, लेकिन इस बार अब तक न तो वैसी सख्ती दिखाई दे रही है और न ही कोई प्रभावी अभियान जमीन पर नजर आ रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आखातीज के दिन बड़ी संख्या में बाल विवाह होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत सख्ती बढ़ाई जाए।

नाबालिग दूल्हा-दुल्हन के बाल विवाह की रोकथाम को लेकर पटवारी एवं कानूनगो को सूचना देने के लिए कह रखा है। जैसे ही बाल विवाह की सूचना मिलती है तो मौके पर पहुंचकर परिजनों एवं सम्मेलन के आयोजकों से समझाइश कर बाल विवाह नहीं करने को लेकर पाबंद किया जाता है। यदि बाजार में नाबालिग दूल्हा-दुल्हन खरीददारी के लिए घूम रहे है तो दिखवाता हूं।

अब्दुल हफीज, तहसीलदार, तहसील पचपहाड़

किशोरी ने खुद रुकवाया बाल विवाह

‘मुझे अभी पढऩा है, इस दृढ़ फैसले ने एक 16 वर्षीय नाबालिग को समाज के लिए प्रेरणा बना दिया। कक्षा 12वीं में पढ़ रही इस किशोरी ने न सिर्फ अपने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि खुद आगे आकर उसे रुकवाकर एक मिसाल पेश की। बूंदी जिले के एक थाना क्षेत्र की इस किशोरी ने अपने माता-पिता के निर्णय के खिलाफ प्रशासन से न्याय की मांग की। उसने साफ कहा कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती और अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। इस निर्णय के बाद उसने फिलहाल माता-पिता के पास रहने से भी इंकार कर दिया।

जानकारी के अनुसार किशोरी का विवाह 1 मई को खानखेड़ा सम्मेलन में तय किया गया था। लेकिन उसने हिम्मत और दृढ़ संकल्प दिखाते हुए अलग-अलग स्तर पर संपर्क किया और अपने बाल विवाह को रुकवाने में सफल रही। किशोर ने बाल कल्याण समिति से संपर्क कर अपना बाल विवाह किए जाने कीी शिकायत दी। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन टीम और सदर थाना पुलिस किशोरी के घर पहुंची पहुंचे। टीम ने किशोरी से बातचीत कर स्थिति को समझा और आवश्यक कार्रवाई की। उसकी इच्छा और समिति के आदेश के अनुसार उसे शेल्टर होम में सुरक्षित प्रवेश दिलवाया गया, ताकि उसकी सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा भी जारी रह सके।