छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां समोसे की दुकान पर खौलते तेल की कढ़ाई में गिरने से दो वर्षीय मासूम बुरी तरह झुलस गया। बच्चे को बचाने के प्रयास में दादी के हाथ भी झुलस गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है।
भगदड़ में धक्के से दादी की गोद से फिसला
जानकारी के अनुसार, किशनगढ़ (अजमेर, राजस्थान) निवासी हरिओम वैष्णव अपने दो साल के बेटे राघव और मां सरिता के साथ बागेश्वर धाम दर्शन करने आए थे। सोमवार शाम वे धाम परिसर में एक हाथ ठेला समोसे की दुकान पर पहुंचे थे। उसी वक्त पास में खड़े दो बैल आपस में भिड़ गए जिससे भगदड़ मचते ही धक्का लगने से मासूम राघव दादी की गोद से उछलकर गर्म तेल से भरी कढ़ाई में जा गिरा।
पोते को बचाने में दादी भी झुलसीं
राघव को गिरता देख दादी सरिता ने तुरंत उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन खौलते तेल के कारण उनके दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और धाम के सेवादारों ने एम्बुलेंस बुलाकर दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में बच्चे की हालत नाजुक
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में तैनात डॉ. रोशन द्विवेदी ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है, उसका इलाज चल रहा है।वहीं बुजुर्ग महिला सरिता ने अपने हाथों का इलाज कराने से इनकार कर दिया है।
पुलिस ने की घटना की पुष्टि
बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बैलों के आपसी झगड़े के दौरान धक्का लगने से बच्चा कढ़ाई में गिर गया था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मामले की जांच जारी है।