फागी। आमजन की समस्याओं को करीब से समझने और वीआईपी संस्कृति में कमी लाने की पहल के तहत प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा गुरुवार को अचानक रोडवेज बस में सफर करते नजर आए। जयपुर से फागी उपखंड के गडूडा गांव में आयोजित रात्रि चौपाल में पहुंचने के लिए उन्होंने सरकारी काफिले के बजाय साधारण रोडवेज बस को चुना। उपमुख्यमंत्री की इस पहल ने यात्रियों और आमजन को चौंकाने के साथ प्रभावित भी किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से वीआईपी काफिलों को सीमित रखने और आमजन से सीधे जुड़ाव बढ़ाने के आह्वान के बाद उपमुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा गुरुवार शाम करीब 5.00 बजे जयपुर स्थित बाइस गोदाम क्षेत्र पहुंचे। आधा घंटे इंतजार के बाद जयपुर-केकड़ी मार्ग पर जा रही साधारण रोडवेज बस को हाथ देकर रुकवाया और अपने स्टाफ के साथ बस में सवार हो गए। अचानक उपमुख्यमंत्री को बस में देखकर यात्रियों में उत्सुकता का माहौल बन गया।
बस में यात्रियों के बीच बैठे, समस्याएं सुनीं
सांगानेर क्षेत्र पहुंचते-पहुंचते बस यात्रियों से खचाखच भर गई, जिससे उन्हें आम यात्रियों को होने वाली परेशानियों का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। उपमुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान बस में घूम-घूमकर यात्रियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। यात्रियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि जयपुर-केकड़ी मार्ग पर रोडवेज बसों की संख्या कम होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई बार यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि भीड़ अधिक होने से खड़े होकर सफर करना मजबूरी बन जाता है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। यात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री सांगानेर क्षेत्र के भारी ट्रैफिक जाम से भी रूबरू हुए।
रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं
इसके बाद उपमुख्यमंत्री रोडवेज बस से ही फागी उपखंड क्षेत्र के नीमेड़ा गांव के गडूडा मोड़ पहुंचे और वहां से एक कार्यकर्ता के वाहन में बैठकर गडूडा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उनकी सादगी और आमजन के बीच जाकर संवाद करने की शैली को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
उपमुख्यमंत्री की पहल की हो रही सराहना
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की इस पहल को लेकर लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि आम आदमी की तरह सफर करेंगे, तभी उन्हें वास्तविक समस्याओं का अनुभव होगा। बस में सफर के दौरान यात्रियों ने भी उपमुख्यमंत्री के व्यवहार और सादगी की सराहना की। कई यात्रियों ने कहा कि पहली बार किसी बड़े जनप्रतिनिधि को बिना तामझाम और सुरक्षा घेरे के आम लोगों के बीच सफर करते देखा गया।