जयपुर। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठे चक्रवात के असर से राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। सोमवार को जयपुर में सुबह से बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी के बीच मौसम ठंडा रहा। धुंध छाने के बीच दृश्यता भी कम रही। तापमान में भी चार से छह डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। कोटा के खातोली में 69 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं उदयपुर, भीलवाड़ा, टोंक, डूंगरपुर, बूंदी, करौली, पाली, राजसमंद और अजमेर में भी बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। बूंदी जिले में तेज बारिश के चलते गुढ़ा बांध का एक गेट खोलकर 642 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब तीव्र होकर चक्रवाती तूफान मोंथा बन गया है। इसके आगामी 24 घंटे में और तीव्र होकर आंध्रप्रदेश तट की ओर तीव्र चक्रवाती तूफान के रूप में पहुंचने की प्रबल संभावना है। एक और अवदाब मध्य-पूर्वी अरब सागर में अवस्थित है व एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत में सक्रिय हो चुका है। इसका सबसे ज्यादा असर दक्षिणी व पूर्वी भागों में मंगलवार को भी देखने को मिलेगा।
आगामी अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक 28 अक्टूबर को भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, राजसमंद, सलूम्बर, सिरोही और उदयपुर में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में 29 अक्टूबर से कमी होने की संभावना है। हालांकि दक्षिणी व पूर्वी भागों में हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियां 29-30 अक्टूबर को भी जारी रहने की संभावना है।
किसानों को बचाव के निर्देश
मौसम विभाग ने खुले आसमान में कृषि उपज मंडियों व खेतों में रखे जींसों/अनाज को भीगने से बचाव के उपाय करने के लिए कहा है। वहीं, रबी की फसलों की बुआई व सिंचाई का कार्य बारिश को ध्यान में रखकर करने की अपील की है।