नागौर. जलदाय विभाग की ओर से अब तक दो हजार से ज्यादा कनेक्शन काटे जाने का असर अब राजस्व इजाफा के रूप में नजर आने लगा है। लंबे समय से अब तक पानी उपभोग का भुगतान नहीं जमा करने वाले अब अपना बिल जमा करने लगे हैं। जलदाय विभाग की ओर से चल रहे अभियान में अब तक राजस्व वसूली का आंकड़ा 92 लाख पार जा पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से गत पांच अक्टूबर से चलाया गया अभियान अब परिणाम लाने लगा है। इसी के चलते 5 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक 2001099 लाख, 1 नवंबर से 30 नवंबर तक 2038769 लाख, एक दिसंबर से 19 दिसंबर तक 3225846 लाख राजस्व का आंकड़ा रहा है। इस तरह से कुल मिलाकर 92 लाख 92 हजार हजार 351 रुपए का राजस्व कुल हो चुका है।
शहर में इतने कनेक्शन कटे
जलदाय विभाग के अनुसार गत पांच अक्टूबर तक शहर क्षेत्र में 1603 जल कनेक्शन विच्छेद किए गए हैं। इसमें गत 5 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 684 एवं एक दिसंबर से लेकर 19 दिसंबर तक 919 जल कनेक्शन काटे गए हैं।
ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं बिल
जलदाय विभाग के अनुसार मोबाइल एप के माध्यम से भी पानी का बिल ऑनलाइन जमा कराया जा सकता है। इसके लिए गूगल पे या फोन पे पर जाने के बाद रिचार्ज बिल मेन्यू के पास वाटर पर क्लिक करने पर पीएचडी राजस्थान लिखा आता है। इसके बाद उसमें ईमित्र सीआईडी अल्फाबेट में लिखा आएगा। यह कोड बिजली बिल में ही रहता है। इसके बाद बिल राशि सामने आ जाती है। इस पर बिल जमा किया जा सकता है।
इनका कहना है…
बकाएदारों के साथ ही अवैध जल कनेक्शन के खिलाफ अभियान चलता रहेगा। अब तक 90 लाख से ज्यादा राजस्व का आंकड़ा हो चुका है। टीम लगा रखी है। उपभोक्ता बिल जमा नहीं करेंगे तो फिर कनेक्शन कटेंगे।
रमेशचन्द्र चौधरी, अधिशासी अभियंता जलदाय विभाग