अलवर। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 22 वर्षीय युवती की हत्या और अलवर में विवाहिता से बलात्कार के आरोपी राहुल मीणा की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच में जुटी है। पुलिस ने 6 लोगों को डिटेन कर पूछताछ की थी, जिसके बाद आरोपी राहुल मीणा को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
उधर, आरोपी के खिलाफ अलवर में दर्ज हुए विवाहिता से बलात्कार के मामले में गुरुवार को पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराए गए है। साथ ही उसका मेडिकल कराया गया है। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि इस मामले में अलवर पुलिस जल्द ही आरोपी राहुल मीणा को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी।
सुनियोजित तरीके से वारदात को दिया अंजाम
आरोपी राहुल मीणा 21 अप्रैल की रात अलवर में दोस्त की पत्नी से बलात्कार के बाद बाइक से दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस वे पर पहुंचा। वहां से एंबुलेंस को रुकवाकर उसमें बैठकर दिल्ली पहुंचा। इसके बाद टैक्सी से सीधे आइआरएस अधिकारी के घर पहुंचा और उनकी बेटी के यौन उत्पीड़न के बाद मोबाइल चार्जर की केबल से उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी राहुल मीणा सुबह करीब साढ़े 6 से 7 बजे के बीच मृतका के घर के आसपास के क्षेत्र में देखा गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- आधे घंटे तक आइआरएस अधिकारी के घर रहा आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी करीब आधे घंटे तक आइआरएस अधिकारी के घर पर रहा। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी राहुल मीणा ने घर में दाखिल होते समय काले रंग की पैट और पीली शर्ट पहनी हुई थी। वारदात के बाद उसने कपड़े बदले और सफेद पैंट और उसी पीली शर्ट में कंधे पर बैग लटकाए बाहर जाते दिखाई दिया था।
वारदात के बाद घर से 2 लाख रुपए और आभूषण चोरी
आरोपी वारदात के बाद घर से करीब 2 लाख रुपए और आभूषण चोरी कर लेकर गया था। जिन्हें भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था। उसे पता था कि मृतक युवती के माता-पिता रोजाना जिम जोन के लिए घर को लॉक कर चाबी को लेटर बॉक्स में रखकर जाते थे। उसने चाबी से दरवाजे का लॉक खोलकर ही घर में प्रवेश किया था।
15 टीमों ने घेराबंदी कर दबोचा
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलवर एसपी के निर्देश पर 7 टीमों का गठन किया था। साथ ही दिल्ली पुलिस की 15 से अधिक टीम गठित की गई थीं। जिन्होंने अलग-अलग राज्यों में आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद पुलिस की पकड़ से बचने के लिए आरोपी ने कई नंबर चेंज किए। पुलिस ने तकनीकी सहायता से आरोपी को आखिरकार दिल्ली के द्वारका स्थित एक होटल से घेराबंदी कर दबोच लिया।