Rajasthan Government Jobs : राजस्थान की नगरीय निकायों में जातीय बंधन के नियम में शिथिलता का लाभ लेकर सरकारी नौकरी पाने वाले शहर के सफाई कर्मचारियों ने झाडू छोड़कर साहब की चाकरी को चुन लिया है। नियमों का फायदा उठाकर इन्होंने सरकारी नौकरी के चक्कर में सफाईकर्मी बनकर सरकारी नौकरी तो ले ली, लेकिन जब झाडू पकड़ने की बारी आई तो इन्हें शर्म आने लग गई। कोई साहब की सेवा में लगा है तो कोई साहब की पत्रावलियों को उठा रहा है। यहां तक कि अधिकारियों के घरों तक के दैनिक कार्य भी ये पूरे कर रहे है।
इस मामले में सरकार कई बार गंभीरता दिखा चुकी है। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से कई बार आदेश जारी कर विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे नगरीय निकायों के सफाई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी नगरीय निकाय में उनके मूल पद पर उपस्थिति देने के लिए आदेशित किया जा चुका है। विभाग ने आदेशों में स्पष्ट कहा है कि अगर कोई सफाई कर्मचारी, सफाई संबंधी कार्य करने से इंकार करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साहब की ‘चाकरी’ में दो दर्जन सफाई कर्मचारी
जानकारी के अनुसार नगर परिषद में करीब 200 सफाई कर्मचारी नियुक्त है। जिनमें करीब 100 अस्थाई सफाई कर्मचारी है। वहीं 100 स्थाई कर्मचारी हैं। लेकिन इनमें से करीब 170-175 कर्मचारी ही सफाई कार्य में लगे हुए है। इनमें भी कई जमादार शामिल है। इनके अलावा करीब दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मचारी अन्य विभागों पर सेवाएं दे रहे है। वहीं वेतन नगर परिषद से उठा रहे हैं।
अधिकारियों के घरों तक कर रहे हैं ड्यूटी
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कई विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें कार्यालय जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, कार्यालय उपखंड अधिकारी आदि अन्य विभाग शामिल हैं। सफाई कर्मचारी कार्यालयों ही नहीं, इन अधिकारियों के आवासों पर भी बखूबी ड्यूटी निभा रहे हैं।
बार-बार आदेश, लेकिन पालना नहीं
सफाई कर्मचारियों से उनके मूल सफाई कार्य करवाने को लेकर स्वायत्त शासन विभाग की ओर से कई बार आदेश जारी किए गए। लेकिन आदेश महज कागजों तक ही सिमट कर रह गए। कर्मचारी संगठन भी कई बार निगम स्तर से लेकर निदेशालय तक यह मांग उठा चुके हैं। बावजूद निकायों के अधिकारी सफाई कर्मचारियों से उनके मूल पद सफाई के कार्य करवाने के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
इधर, कड़ी धूप में भी सफाई में जुटे हैं कर्मचारी
ऐसे समय में जब अधिक मास के अवसर पर आयोजित हो रही बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में बेहतर सफाई व्यवस्था की आवश्यकता है। नगर परिषद अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों के साथ दिनों-रात, कड़ी धूप में भी परिक्रमा मार्ग की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर दर्जनों सफाई कर्मचारी अधिकारियों के एयर कंडीशनर कार्यालयों में ड्यूटी के नाम अपनी सेवाओं में जुटे हैं।
आदेश की पालना के अनुरूप होगी उचित कार्रवाई
जो भी सफाई कर्मचारी, अपने मूल कार्य सफाई को नहीं कर अन्य कार्यालयों में लगे हैं, उनकी कार्यालयों से जानकारी लेकर स्वायत शासन निदेशालय के आदेश की पालना के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाएगी।
मयंक मनीष, जिला कलक्टर डीग