NEET 2026 पेपर लीक का खुलासा करने वाले हनुमानगढ़ के शिक्षक शशिकांत सुथार का अपने शहर नोहर में हुआ स्वागत

हनुमानगढ़। नीट 2026 पेपर लीक प्रकरण को उजागर कर देशभर में चर्चा का विषय बने शिक्षक शशिकांत पुत्र महेंद्र सुथार का अपने शहर नोहर आगमन पर विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शशिकांत सुथार के साहस और ईमानदारी की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण का भंडाफोड़ कर पूरी परीक्षा को रद्द कराना कोई सामान्य कार्य नहीं था। यह लगभग 23 से 24 लाख विद्यार्थियों के भविष्य को बचाने का साहसिक कदम था।

ऐसे निडर और ईमानदार शिक्षक का सम्मान पूरे देश को करना चाहिए। शशिकांत सुथार ने बताया कि किस प्रकार उन्हे पेपर लीक की जानकारी मिली, कैसे उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एनटीए व सीबीआई तक तथ्य पहुंचाए। लगातार दबावों के बावजूद सच को सामने लाने का साहस दिखाया। शशिकांत का परिवार नोहर के वार्ड तीन में निवास करता है।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा आयोजित करवाई थी। यह परीक्षा 3 मई 2026 को देशभर के कई केंद्रों पर हुई थी। परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने दी थी। परीक्षा पूरी होने के कुछ दिन बाद सोशल मीडिया और कई जगहों पर इस परीक्षा के पेपर लीक होने की बात फैलने लगी। जिसके बाद कई प्लेटफार्म पर इसका भारी विरोध शुरू हो गया और शिकायतें बढ़ने लगीं। इस गंभीर खुलासे के बाद छात्रो के हितों और परीक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया गया।

अगले साल से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी

परीक्षा रद्द होने के बाद कुछ ही दिन के भीतर नई परीक्षा की तारीख अनाउंस कर दी गई थी। नीट 2026 अब दोबारा 21 जून को कराई जाएगी, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई कड़े कदम उठाए जा सकते है। अब सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार अब नीट-यूजी परीक्षा को अगले साल से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की तैयारी कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि कंप्यूटर आधारित टेस्ट लेने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सकती है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के निर्देश

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि री-NEET परीक्षा इस बार ज्यादा सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के होगी। इसके लिए उन्होनें सभी राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की। परीक्षा पूरी तरह सही हो किसी के साथ खिलवाड़ न हो इसके निर्देश भी दिए। साथ ही बताया की री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।