40,000 वर्ग मीटर भूमि पर 63.60 करोड़ रुपए की लागत से राजस्थान में यहां बनेगा अस्पताल, जानें कब तक होगा तैयार?

Ramganjmandi News: लंबे समय से आधुनिक और विस्तृत स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे रामगंजमंडी क्षेत्रवासियों को शुक्रवार के दिन बड़ी सौगात मिलने जा रही है। 63.60 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 200 बेड क्षमता के नए क्रमोन्नत जिला अस्पताल का शिलान्यास लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे। प्रस्तावित जिला अस्पताल वर्तमान अस्पताल परिसर के समीप 40 हजार वर्गमीटर भूमि पर विकसित किया जाएगा। अस्पताल भवन करीब 2 लाख वर्गफीट क्षेत्रफल में बनेगा और इसे जी प्लस थ्री यानी चार मंजिला स्वरूप दिया जाएगा। अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

दो वर्षों में होगा निर्माण, अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी

अस्पताल निर्माण के लिए 13 मई 2026 को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं और इसके बाद निर्माण कार्य 25 मई 2026 से शुरू किया जाएगा। इस परियोजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और योजना के अनुसार मई 2028 तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल होगा और इसमें मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग, ओपीडी, इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के साथ-साथ स्त्री रोग, ऑर्थोपेडिक, बाल रोग, नेत्र, मेडिसिन, सर्जिकल और ईएनटी विभाग संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा लेबर रूम, प्री एवं पोस्ट डिलीवरी रूम, पीएनसी एवं एएनसी वार्ड, आईपीएचएल लैब तथा रेडियोलॉजी जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

पहली मंजिल पर आधुनिक आईसीयू वार्ड, ब्लड बैंक और अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे। ऊपरी मंजिलों पर कॉटेज वार्ड, विशेष कक्ष और मीटिंग हॉल बनाए जाएंगे। साथ ही अस्पताल परिसर में स्टाफ क्वार्टर्स, मॉर्चरी, पार्किंग व्यवस्था, आंतरिक सड़कें, कैंटीन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे यह एक पूर्ण विकसित चिकित्सा संस्थान के रूप में तैयार हो सके।

गंभीर रोगियों को अन्यत्र रैफर करने की जरूरत होगी कम

वर्तमान अस्पताल में संसाधनों की कमी के कारण मरीजों और चिकित्सकों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक ही कमरे में अलग-अलग डॉक्टरों को मरीज देखने पड़ते हैं। नए अस्पताल भवन में प्रत्येक विभाग के लिए अलग-अलग कक्ष होंगे। ब्लड बैंक और ट्रॉमा सेंटर सुविधाएं शुरू होने से कोटा या झालावाड़ रैफर करने की आवश्यकता कम हो जाएगी। आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञ सेवाओं से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।