जोधपुर। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जोधपुर में रातानाडा चौराहे के पास पूर्व उपराष्ट्रपति एवं पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले कई लोग केवल सरकार बनाने के लिए राजनीति करते हैं, लेकिन भैरोंसिंह शेखावत ने समाज और देश निर्माण के उद्देश्य से राजनीति की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में राजस्थान के केवल 11.68 लाख ग्रामीण घरों में नल के पानी के कनेक्शन थे, जबकि वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 60.29 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में आए बदलाव की कहानी है।
वैश्विक हालात का जिक्र किया
उन्होंने बिना नाम लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कुछ नेता चुनाव हारने के बाद राजनीतिक कटुता के चलते इस्तीफा देने से भी इनकार कर देते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। यही सीख अटल बिहारी वाजपेयी और भैरोंसिंह शेखावत से मिली है। वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने विपरीत परिस्थितियों में भी 38 देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। इसके चलते अमरीका को भी अपना टैरिफ कम करना पड़ा।
प्रतिमा पंचधातु से तैयार
बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की 12 फीट ऊंची प्रतिमा पंचधातु से तैयार की गई है। यह प्रतिमा करीब 1100 किलो वजनी है और इसे विशेष तकनीक से बनाया गया है। प्रतिमा निर्माण पर लगभग 20 लाख रुपए खर्च हुए हैं। मूर्तिकार नरेश कुमावत ने प्रतिमा को आकर्षक और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक पंचधातु तकनीक का उपयोग किया है।
सूक्ष्मता के साथ किया गया कार्य
प्रतिमा को स्थापित करने के लिए सैंड स्टोन से निर्मित करीब 9 फीट ऊंचा प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है, जिस पर लगभग 10 लाख रुपए खर्च हुए हैं। प्रतिमा में भैरोंसिंह शेखावत के व्यक्तित्व, सरलता और प्रभावशाली उपस्थिति को जीवंत रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया है। प्रतिमा की मुखमुद्रा, वेशभूषा और भाव-भंगिमा पर विशेष कलात्मक सूक्ष्मता के साथ कार्य किया गया है। इस प्रतिमा को तैयार करने में 85 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत टिन, 5 प्रतिशत सीसा और 5 प्रतिशत जिंक का उपयोग किया गया है।