पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सोमवार को एक अलग ही अंदाज में नजर आईं। झालावाड़ की धरती पर जब उन्होंने अपने बड़े भाई स्व. माधवराव सिंधिया का जिक्र किया, तो वहां मौजूद हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं। यह मौका था सांसद दुष्यंत सिंह की ‘जन संवाद यात्रा’ के पांचवें चरण के शुभारंभ का, जहाँ राजे ने राजनीति से ऊपर उठकर परिवार और विकास के उन धागों को पिरोया, जिन्होंने झालावाड़ की तकदीर बदल दी।
‘दादा ने पूरी की मेरी ख्वाहिश‘
वसुंधरा राजे ने पुराने दिनों को याद करते हुए एक ऐसा राज साझा किया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। राजे ने बताया कि झालावाड़ में आज जो पैसेंजर ट्रेनें दौड़ रही हैं, वह उनके भाई और तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री माधवराव सिंधिया की ‘बहन के प्रति ममता’ का नतीजा हैं।
राजे की ज़िद: ‘जब मैं सांसद थी, तब मैंने बहन होने के नाते दादा (माधवराव सिंधिया जी) से झालावाड़ में रेल माँगी थी। मैं चाहती थी कि मेरे क्षेत्र के लोग भी रेल का सफर करें।’
भाई का तोहफा: दादा ने अपनी छोटी बहन की ख्वाहिश को टाला नहीं और पहली बार झालावाड़ के लिए विशेष रेल बजट आवंटित किया। आज झालावाड़ स्टेशन पर गूँजती सीटियाँ उसी भाई-बहन के अटूट प्रेम की गवाह हैं।
46 करोड़ के विकास का लोकार्पण-शिलान्यास
खानपुर तहसील के राजपुरा गांव में राजे ने केवल यादें ही साझा नहीं कीं, बल्कि विकास की झड़ी लगा दी। सांसद दुष्यंत सिंह और पूर्व विधायक नरेंद्र नागर की मौजूदगी में उन्होंने 46 करोड़ की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह बजट क्षेत्र की सड़कों, बिजली और पानी की सुविधाओं को और मजबूत करेगा।
अब असुरक्षित भवनों में नहीं पढ़ेंगे बच्चे
राजे ने शिक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सांसद और विधायक कोष (MP-MLA Fund) की अधिकांश राशि अब स्कूलों के पुनर्निर्माण में खर्च होगी।
खतरे में भविष्य: जिले के कई स्कूल भवन क्षतिग्रस्त और असुरक्षित हैं।
एक्शन प्लान: ऐसे स्कूलों को तुरंत चिन्हित किया जा रहा है। राजे ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता उन भवनों को दी जाएगी जो कभी भी गिर सकते हैं। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
500 करोड़ रुपए स्वीकृत
अन्नदाताओं के लिए भी राजे ने बड़ी खुशखबरी साझा की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत झालावाड़ के लिए 500 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं।
255 करोड़ का भुगतान: यह राशि किसानों तक पहुँच चुकी है।
260 करोड़ का इंतज़ार: शेष राशि का सेटलमेंट प्रक्रिया में है और जल्द ही भुगतान होगा।
राजस्व में नंबर-1: राजे ने गर्व से कहा कि राजस्व मामलों को सुलझाने में झालावाड़ पूरे राजस्थान में अव्वल है। मई अंत तक जिले का एक भी किसान ‘गैर खातेदार’ नहीं रहेगा।
जनसंवाद यात्रा: समस्याओं का मौके पर निपटारा
सांसद दुष्यंत सिंह की यात्रा के अब तक के सफर की सराहना करते हुए राजे ने बताया कि पिछले चार चरणों में 2043 आवेदन मिले थे। इनमें से 1375 समस्याओं का निस्तारण जिला कलेक्टर के साथ मिलकर करवाया जा चुका है। यह ‘जन संवाद’ अब केवल यात्रा नहीं, बल्कि समाधान का जरिया बन गया है।