Udaipur Balicha Tiraha: उदयपुर शहर के महत्वपूर्ण यातायात केंद्रों में शामिल बलीचा तिराहे का अब जल्द ही नया स्वरूप देखने को मिलेगा। लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव, जाम और सड़क सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे इस प्रमुख चौराहे पर री-इंजीनियरिंग कार्य शुरू हो गया है।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की ओर से करीब 6.81 करोड़ से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को किया जा रहा है। शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए बलीचा तिराहे को आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित होगा। साथ ही शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
ट्रैफिक दबाव कम करने पर रहेगा फोकस
बलीचा तिराहा उदयपुर का प्रमुख यातायात बिंदु माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। शहर के बाहरी क्षेत्रों, नेशनल हाइवे और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर कई बार लंबा जाम लग जाता है। विशेष रूप से पर्यटन सीजन और व्यस्त समय में यहां यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यूडीए की ओर से चौराहे की री-इंजीनियरिंग का निर्णय लिया। परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक मूवमेंट को व्यवस्थित करना, मोड़ को सुरक्षित बनाना और आधुनिक यातायात प्रबंधन के अनुरूप संरचना विकसित की जाएगी।
सितंबर में पूरा होगा काम
यूडीए अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की कुल स्वीकृत राशि 6 करोड़ 81 लाख निर्धारित की है। कार्य की शुरुआत 15 नवंबर 2025 से की गई और इसे 14 सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है।
री-इंजीनियरिंग कार्य के तहत चौराहे को आधुनिक डिजाइन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए लेन मैनेजमेंट, सुरक्षित कट पॉइंट, बेहतर सिग्नलिंग और सड़क सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शहर के चारों ओर सड़कों का व्यापक नेटवर्क
-गीतांजली अस्पताल के पास आयड़ पुलिया की चौड़ाई बढ़ेगी।
-जड़ाव नर्सरी से कलड़वास मार्ग चौड़ा किया जा रहा।
-सीसारमा-नांदेशमा मार्ग का चौड़ीकरण जारी।
-सविना में प्रतापनगर-बलीचा बाइपास को जोड़ा जाएगा।
-साइफन से कविता मार्ग का अधिकांश चौड़ीकरण पूरा हो चुका है।
-उदयपुर-सलूंबर मार्ग भी चौड़ा किया जा रहा है। यहां पर केवड़े की नाल में वन विभाग के जमीन अधिग्रहण की फाइल सरकार के पास प्रस्तावित है।