Pakistan-India Border Weapon Trafficking: भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे राजस्थान के खाजूवाला बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हथियार तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद कुख्यात तस्कर ने पाकिस्तान से संपर्क कर हथियारों की खेप मंगवाई थी। इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
जेल से चल रहा था तस्करी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद तस्कर सुवविंद्र रायसिख उर्फ सोनू ने पाकिस्तान स्थित तस्करों से संपर्क स्थापित किया था। वहीं से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप भारत सीमा में भेजने की योजना बनाई गई थी। बीकानेर पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस रिमांड पर आरोपी
बीकानेर पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा और गुप्तचर एजेंसियां संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं। जांच अधिकारी आईपीएस सीओ सदर अनुष्ठा कालिया के नेतृत्व में पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस अब उस स्थानीय नेटवर्क की तलाश कर रही है जो पाकिस्तान से आए हथियारों की खेप को रिसीव करने वाला था। अधिकारियों के अनुसार इस पूरे रैकेट में कई स्थानीय लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
फरवरी में भेजी थी हथियारों की खेप
जांच में सामने आया है कि इसी साल फरवरी में पाकिस्तान की ओर से 17.50 किलो वजनी ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप भेजी गई थी। इसमें चीन निर्मित पांच पिस्टल और 325 कारतूस शामिल थे, जो खाजूवाला बॉर्डर क्षेत्र में गिराए थे।
खेत में गिरा ड्रोन, BSF ने किया बरामद
तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर चक 24 केएनडी क्षेत्र के सरसों के खेत में गिर गया। सुबह बीएसएफ और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन और हथियारों की खेप बरामद कर ली। यह घटना सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार तस्करी का पहला बड़ा मामला माना जा रहा है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार किन लोगों तक पहुंचने वाले थे और इस तस्करी में और कौन-कौन शामिल है?