Kota: पानी के टैंक में 11 सांप निकलने से मचा हड़कंप, परिजनों के भी देखकर उड़े होश

Snake In Water Tank: कोटा के आंवली रोझड़ी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब एक घर के पानी के टैंक में एक साथ 11 सांप नजर आए। यह देखकर परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए और तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।

ये घटना घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने करीब 8 फीट गहरे पानी के टैंक में सामने आई। परिवार के लोग जब टैंक की सफाई के लिए उसे खोल रहे थे, तभी अंदर कुछ हलचल दिखाई दी। टॉर्च की रोशनी डालने पर अंदर कई सांप दिखाई दिए जिसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई।

फोटो: पत्रिका

रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलने पर सर्प रेस्क्यूकर रॉकी डेनियल और जितेन्द्र कोली मौके पर पहुंचे। दोनों ने करीब आधे घंटे की मेहनत के बाद एक-एक कर सभी 11 सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। रेस्क्यूकर रॉकी डेनियल ने बताया कि सभी सांप चेकर्ड कीलबैक प्रजाति के थे, जो विषैले नहीं होते। उन्होंने बताया कि यह प्रजाति अक्सर पानी वाले क्षेत्रों में पाई जाती है और एक बार में काफी संख्या में अंडे दे सकती है।

पहले भी दिखा था सांप

परिवार के अनुसार कुछ समय पहले घर की सीढ़ियों पर भी एक सांप दिखाई दिया था, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में जब टैंक में इतने सारे सांप मिले तो सभी दहशत में आ गए। रेस्क्यू टीम ने सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया। टीम ने लोगों को सलाह दी कि घरों में बने पानी के टैंक की समय-समय पर जांच करते रहें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पहुंचे तो गेट पर फंसा था 7 फीट लंबा अजगर

कुछ दिन ही एक मामला और सामने आया था जिसमें कोटा थर्मल पावर स्टेशन स्थित अधिशासी अभियंता (सिविल) कार्यालय में सुबह समय अफरा-तफरी मच गई जब कर्मचारी ऑफिस खोलने पहुंचे और मुख्य गेट पर करीब 7 फीट लंबा अजगर फंसा हुआ देखा। जैसे ही कर्मचारियों की नजर अजगर पर पड़ी, सभी डर के कारण बाहर ही रुक गए और किसी ने भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं की। इसके बाद स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने अपनी टीम के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 10 किलो वजनी अजगर को सुरक्षित पकड़ा गया। बाद में उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। स्नेक कैचर ने बताया कि यह क्षेत्र चंबल नदी और जंगल से सटा होने के कारण ऐसे वन्यजीव अक्सर आ जाते हैं।