अजमेर। विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम पहुंची। गृह मंत्रालय महानिदेशालय के निर्देश पर आई टीम ने दरगाह परिसर के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की। टीम ने परिसर के सभी प्रमुख गेट, इमारतों, सीसीटीवी नेटवर्क और जायरीन की आवाजाही से जुड़े व्यवस्थागत पहलुओं की जानकारी जुटाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।
सुबह दरगाह पहुंची एनएसजी टीम ने दरगाह वृत्ताधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान निजाम गेट, बुलंद दरवाजा, शाहजहांनी गेट, लंगरखाना गली गेट, शर्की गेट और पायंती दरवाजा समेत अन्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। टीम ने मेटल डिटेक्टर और जांच व्यवस्था को भी परखा तथा जायरीन की आवाजाही के दौरान सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति का आकलन किया।
अजमेर दरगाह की निगरानी (फोटो-पत्रिका)
इन जगहों पर भी पहुंची टीम
निरीक्षण के दौरान एनएसजी अधिकारियों ने दरगाह परिसर की प्रमुख इमारतों का भी दौरा किया। टीम शाहजहांनी मस्जिद, संदली मस्जिद, महफिल खाना, झालरा परिसर, अहाता-ए-नूर और बेगमी दालान तक पहुंची। यहां नमाज, धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया।
बम धमाके वाले स्थान की भी निगरानी
टीम ने वर्ष 2007 में हुए बम धमाके के स्थान का भी निरीक्षण किया। अहाता-ए-नूर के सामने हुए उस धमाके से जुड़ी जानकारी पुलिस प्रशासन से ली गई। अधिकारियों ने उस समय की सुरक्षा व्यवस्था और उसके बाद किए गए बदलावों पर भी चर्चा की।
जांच करती एनएसजी टीम (फोटो-पत्रिका)
सुरक्षा इंतजामों का फीडबैक लिया
एनएसजी टीम ने दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनकी मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी जानकारी ली। कैमरों की रिकॉर्डिंग, अभय कमांड सेंटर से जुड़ाव और सालाना उर्स के दौरान अपनाए जाने वाले अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों का फीडबैक लिया गया। साथ ही दरगाह कमेटी, अंजुमन कार्यालय, हुजरों और दुकानों की स्थिति को भी जांचा गया।
मंगलवार को उच्चाधिकारी करेंगे दौरा
मंगलवार को सुरक्षा सर्वेक्षण अधिकारी मेजर शाहरुख शेख भी दरगाह पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। वह एनएसजी टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। इसके बाद पूरी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बनाई जा सकती है।