उदयपुर। जिले के कालीभीत क्षेत्र के निकट ग्राम पंचायत ढीकिया के राजस्व गांव उम्मेदपुरा में भीषण आग लगने से तीन कच्चे मकान जलकर राख हो गए। आगजनी की इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घरों में रखा अनाज, नकदी, घरेलू सामान, मोटरसाइकिल और दो बकरियां भी आग की भेंट चढ़ गईं। घटना के दौरान घर में मौजूद दो बच्चों को ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार धना महाराज पुत्र बाबरू मीणा के कच्चे मकान में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के अन्य कच्चे मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय धना महाराज अपनी बीमार पत्नी को लेकर आवरी माता गए हुए थे, जबकि घर के अंदर बच्चे सो रहे थे।
आग लगने के बाद की तस्वीर (फोटो-पत्रिका)
ग्रामीणों ने मासूमों को बचाया
आग की तेज लपटें उठती देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जान जोखिम में डालकर कच्चे मकान पर चढ़े। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बकरियां जिंदा जलीं
आगजनी में 10 बोरी गेहूं, मक्की से भरी पांच बोरी, सरसों की दो बोरी, करीब 500 पुल्ले घास, कपड़े, बिस्तर, घरेलू बर्तन और खेती-बाड़ी से आए करीब 40 हजार रुपये नकद जलकर राख हो गए। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल जलकर राख हो गई। वहीं दो बकरियां भी आग में झुलसकर मर गईं। ग्रामीणों के अनुसार घटना में करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी
ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन वहां से वाहन खराब होने की बात कही गई। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद हैंडपंप और कुएं की मोटर चलाकर पानी डाला तथा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक मकान पूरी तरह जल चुके थे।
सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन
घटना की सूचना मिलने पर पूर्व प्रदेश मंत्री कन्हैयालाल मीणा मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर ने भी मौके का जायजा लेकर राशन किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पंचायत समिति उपप्रधान धनराज पटेल और पंचायत प्रशासक पूनमचंद मीणा ने भी पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता और सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।