अजमेर। राजस्थान के अजमेर शहर में मोबाइल फोन को लेकर हुई मामूली नाराजगी पर बालक ने जान दे दी। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले 13 साल के बालक ने बड़े भाई के मोबाइल फोन देने से मना करने पर नाराज होकर कमरे में फांसी लगा ली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आदर्शनगर थाना पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार माखुपुरा स्थित गेल कॉलोनी के पास रहने वाले मुकेश गुर्जर का 13 वर्षीय पुत्र बबलू गुर्जर 8 मई शाम अपने घर में फंदे पर लटका मिला। वह 8वीं कक्षा का छात्र था। घटना के समय घर में बड़ा भाई, दादी व अन्य सदस्य मौजूद थे, जबकि माता-पिता काम पर गए थे। पड़ताल में आया कि उसका बड़ा भाई छुट्टियों में घर पर आया हुआ है। उसने शुक्रवार को अपना मोबाइल छोटे भाई को दे रखा था। वह सोशल मीडिया पर वीडियो देख रहा था।
मोबाइल नहीं मिला तो लगा ली फांसी
बड़े भाई के दोस्त का कॉल आया तो वह मोबाइल ले जाने लगा। बबलू ने वापस मोबाइल मांगा तो उसने मनाकर दिया। इससे नाराज होकर उसने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। पुलिस ने संदिग्ध हालात में मौत का मामला दर्ज किया है। थानाप्रभारी छोटूलाल मीणा ने बताया कि एफएसएल टीम ने कमरे का बारिकी से निरीक्षण किया। परिजन से भी पूछताछ की गई है।
बच्चों को मोबाइल की लत से ऐसे बचाएं
1. माता-पिता बच्चों को जो व्यवहार सिखाना चाहते हैं, उसे पहले खुद अपनाएं। बच्चों के सामने मनोरंजन के लिए बार-बार मोबाइल का उपयोग न करें।
2. अपने काम के लिए बच्चों को मोबाइल पकड़ाने के बजाय उन्हें खेलने, पढ़ने और दोस्तों से बातचीत करने के लिए प्रेरित करें।
3. बच्चों को पर्याप्त समय दें। उनकी पढ़ाई, दोस्तों और दिनभर की गतिविधियों के बारे में बात करें। उन्हें घर के छोटे-छोटे कामों में शामिल करें, ताकि वे व्यस्त रहें।
4. पढ़ाई के लिए बच्चों को मोबाइल का कम से कम उपयोग करने दें। यदि जरूरी हो, तो कंप्यूटर या लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाई करवाएं।
5. बच्चों को खेलकूद, चित्रकला, डांस और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करें। इससे उनका ध्यान मोबाइल से हटेगा और वे इसकी लत से बचेंगे।