नौकरी लगवाने का झांसा दे बलात्कार करने वाले अभियुक्त को 20 साल का कठोर कारावास

सीकर. नौकरी लगवाने का झांसा देकर नाबालिग से स्लीपर बस में बलात्कार करने के अभियुक्त को पोक्सो कोर्ट-1 ने 20 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायालय पोक्सो-1 के पीठासीन अधिकारी विक्रम चौधरी ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियुक्त अभियुक्त राजेंद्र उर्फ सुनील ने पीड़िता को नौकरी लगवाने व बेरोजगार भत्ता दिलवाने के नाम से दो बार में 18 हजार रुपए भी लिए। अभियुक्त इतना शातिर था कि उसने सीकर, रींगस, जयपुर, दिल्ली के बस, खाना आदि सहित समस्त खर्च के रुपए भी पीड़िता को झांसा देकर पहले ही ले लिए थे।

मेडिकल करवाने के नाम बैंक में डलवाए 5 हजार रुपए –

विशिष्ट लोक अभियोजक भवानीसिंह जेरठी ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली नाबालिग ने 1 मार्च 2022 को जिले के एक थाना में मामला दर्ज करवाया था। मामले के अनुसार 21 फरवरी 2022 को अभियुक्त राजेंद्र उर्फ सुनील पुत्र बनवारीलाल निवासी मिर्जवास, लक्ष्मणगढ़ ने नाबालिग पीड़िता को नौकरी का झांसा देकर बहला फुसला कर मेडिकल करवाने के नाम पर अपने बैंक खाता में 5 हजार रुपए डलवाए थे।

बेरोजगारी भत्ता का फार्म भरवाया –

23 फरवरी को पीड़िता को कोर्ट भेजकर उससे बेरोजगारी भत्ता का फार्म भरवाया। अभियुक्त ने 24 फरवरी को नाबालिग को नवलगढ़ बुला कर वहां से सीकर कोर्ट में ले गया। नाबालिग को ट्रेन से सीकर से जयपुर ले गया। जयपुर से दिल्ली स्लीपर बस ले गया और इस दौरान स्लीपर में उसके साथ बलात्कार किया। दिल्ली से अभियुक्त नाबालिग को झुंझुनूं लाया और यहां लाकर छोड़ दिया। इसके बाद युवती यहां से अपने घर गई।

रींगस बुला 13 हजार, दस्तावेज लिए, दोबारा किया दुष्कर्म-

अभियुक्त राजेंद्र उर्फ सुनील ने घटना के दो दिन बाद 26 फरवरी 2022 को नाबालिग को सीकर बुलाया। सीकर से रींगस बुलाकर पीड़िता से 13 हजार रुपए, मोबाइल व उसके दस्तावेज ले लिए। अभियुक्त पीड़िता को रींगस में झांसा देकर व नौकरी लगवाने वाले से मिलवाने की कहकर उसे जयपुर ले गया। जयपुर से दोबारा दिल्ली के लिए स्लीपर बस में बिठाकर ले गया। पीड़िता को जयपुर से दिल्ली स्लीपर बस में ले जाकर बस में ही दोबारा बलात्कार किया। अभियुक्त ने पीड़िता को दिल्ली में रखा और यहां से फिर पहले की तरह वापस उसे छाेड़ दिया। पीड़िता 28 फरवरी को घर पहुंची और परिवार को बताया और 1 मार्च 2022 को थाना में मामला दर्ज करवाया। पोक्सो कोर्ट में पुलिस व पीड़ित पक्ष ने 20 गवाह व 48 सबूत पेश किए। पीड़िता को प्रतिकार राशि के रूप में दो लाख रुपए देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया।