Bundi : निर्माण की धीमी गति से श्रद्धालु हो रहे परेशान, गुणवत्ता की भी हो रही अनदेखी

केशवरायपाटन. स्वदेश दर्शन योजना के तहत चम्बल नदी के घाटों पर चल रहे घाट निर्माण का कार्य धीमी गति से चलने से श्रद्धालु परेशान होने लग गए है। संवेदक ने सभी घाटों को तोड़ दिया, लेकिन निर्माण नहीं किया, जिससे यहां आने वाले स्नानार्थियों के सामने पवित्र स्नान करने की समस्या उत्पन्न हो गई। वृद्ध श्रद्धालु तो स्नान ही नहीं कर पा रहे हैं। चर्मण्यवती पर साल भर धार्मिक गतिविधियां चलती रहती है।

धार्मिक आयोजनों में शोभायात्रा निकालने, शादी विवाहों पर चरी का कार्यक्रम व कलश यात्रा के कार्यक्रम यहां केशव घाट पर पूजा अर्चना के बाद शुरू करते हैं। अधूरे घाटों, गंदगी व क्षतिग्रस्त घाटों की वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मुक्तिधाम से स्नान करने आने वाले महिलाओं को भी स्नान करने में परेशानी उठानी पड़ती है।

पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेता मूलचंद बाथला ने बताया कि चम्बल के घाटों के निर्माण को प्राथमिकता से पूरा नहीं करने से लोग निराश हो गए हैं। पहली प्राथमिकता घाटों का निर्माण होना चाहिए। संवेदक को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया। संवेदक ने सभी घाटों को तोड़ तो दिया, लेकिन निर्माण नहीं किया। बुर्जों की नींव के कार्य में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बाथला ने बताया कि घाटों के कार्य में गति दिलवाने व गुणवत्ता पर ध्यान दिलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अवगत कराया जाएगा।

पूर्व पार्षद हरजी केवट ने कोटा में जन सुनवाई के दौरान नाव घाटों की समस्या से लोकसभा अध्यक्ष से अवगत कराया। शहर के पंडित रामकृष्ण, स्नानार्थी सत्यनारायण राठोर, शशी शंकर, रामचन्द्र केवट, महावीर, सुनील केवट, रामकिशन माली ने बताया कि यहां संवेदक मनमानी कर गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसे पाबंद करवाया जाए।

यह होना है कार्य
पौराणिक धाम पर स्वदेश दर्शन योजना पर अलग अलग चरणों में विभिन्न कार्य होना प्रस्तावित है। चम्बल नदी किनारे स्थित केशव धाम का स्वदेश दर्शन 2.0 में 70 करोड़ की योजना बनाने के बाद प्रथम चरण में 21 करोड़ के कार्य शुरू किए गए। अलग अलग एजेन्सियों के माध्यम से इस धाम को वाराणसी की तर्ज पर सजाया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए इस स्थान के सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। जर्जर हो चुके मंदिर के शिखर की क्षतिग्रस्त कलाकृतियों को जीवंत बनाया जाएगा। परिसर के मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा।

चम्बल नदी के किनारे पार्किंग व्यवस्था, हरिद्वार की तर्ज पर चम्बल के घाटों का नवीनीकरण, क्षतिग्रस्त विद्यालय को हटा कर भोजन शाला, धर्मशाला, विश्राम गृह, शौचालय, प्रसाद के लिए दुकानें, मंदिर के गुम्बजों का जीर्णोद्धार, केशव भोजनशाला का जीर्णोद्धार शामिल हैं। इस योजना में यहां आने वाले पर्यटक व श्रद्धालु नौका विहार का लुत्फ उठा सकेंगे। रात में भी दिन के समान सम्पूर्ण क्षेत्र बिजली से दमकेगा। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मंदिर क्षेत्र में अपना प्रोजेक्ट लगाकर 24 घंटे मंदिर व आसपास के दर्शनीय स्थल, मंदिर के गृभगृह से लेकर सम्पूर्ण केशव धाम का लाइव प्रसारण करेगा।