Sikar : गुजरात में BSF जवान की ड्यूटी के दौरान निधन, पार्थिव देह आज पहुंचेगी खाटूश्यामजी, निकलेगी तिरंगा रैली

Sikar : सीकर जिले के खाटूश्यामजी क्षेत्र के रहने वाले BSF जवान सुल्तान सिंह नटवाड़िया (33 वर्ष) BSF की 90वीं बटालियन में गुजरात के गांधीधाम में तैनात थे। जहां ड्यूटी के दौरान उनका अचानक निधन हो गया। सुल्तान सिंह नटवाड़िया के गांव सांवलपुरा में जब यह सूचना मिली तो परिजन समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जिसने भी सुना वह दुखी हो गया। उनकी पार्थिव देह आज सुबह खाटूश्यामजी के सदर थाना पहुंचेगी। तिरंगा यात्रा के बाद पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार होगा।

शहीद सुल्तान सिंह को अंतिम सम्मान देने के लिए अलोदा सदर थाने से आज सुबह 9 बजे तिरंगा रैली निकाली जाएगी। यह तिरंगा रैली अलोदा से शुरू होकर उनके पैतृक गांव सांवलपुरा तक जागी। इस तिरंगा यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व सैनिक संगठन और आस-पास के गांवों के बड़ी संख्या ग्रामीण में शामिल होंगे।

सम्मान में व्यापारियों ने दुकानें रखी थी बंद

शहीद BSF जवान सुल्तान सिंह नटवाड़िया की मृत्यु की सूचना के बाद पिता हरलाल सिंह नटवाड़िया और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गमगीन माहौल के बीच उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व भी है। ग्रामीणों का कहना है कि, सुल्तान सिंह हमेशा ऊर्जावान रहते थे। क्षेत्र के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। साथ उनकी तैयारी में मदद करते थे। शहीद के सम्मान में खाटूश्यामजी और सांवलपुरा क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वैच्छिक रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है।

पैतृक गांव में आज होगा अंतिम संस्कार

वहीं जिला प्रशासन ने शहीद की पार्थिव देह के पहुंचने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुल्तान सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। सांवलपुरा गांव तक 5 किमी लंबी तिरंगा यात्रा के बाद पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार होगा।

सोते समय आया था हार्ट अटैक

छोटे भाई महेश नटवाड़िया ने बताया सुल्तान सिंह वर्ष 2018 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे गुजरात के गांधीधाम में बीएसएफ की 90वीं बटालियन में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर पोस्टेड थे। सोमवार रात को सोते समय उन्हें हार्ट अटैक आया था।

दो महीने पहले गांव आए थे सुल्तान सिंह

बताया जा रहा है कि सुल्तान सिंह 3 महीने के बेटे देवांश के 10 मार्च को हुए जलवा पूजन कार्यक्रम में दो महीने पहले छुट्टी पर गांव आए थे। उनके दो बेटी गुंजन (10 वर्ष) और मीनाक्षी (7 वर्ष) भी हैं। पत्नी रेशमा देवी गृहिणी हैं। सुल्तान सिंह गांधीधाम से पहले मणिपुर और पश्चिम बंगाल में भी सेवाएं दे चुके हैं।