Rajasthan Farmers: राजस्थान के किसानों के लिए नई तैयारी, गांव की जरूरत के हिसाब से खरीदे जाएंगे कृषि उपकरण

Rajasthan Cooperative Department: जयपुर। राजस्थान में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत बनाने और गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सहकारिता विभाग अब केवल गोदाम निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन गोदामों का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने,किसानों को जरूरत के मुताबिक मशीनें उपलब्ध कराने और समितियों में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी फोकस करेगा।

शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने विभागीय समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया कि प्रदेश में बन रहे सभी गोदाम गुणवत्तापूर्ण हों और उनका इस्तेमाल भी प्रभावी तरीके से हो। उनका कहना था कि यदि गोदाम सही तरीके से उपयोग में आएंगे तो सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी और किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

लंबित भूमि आवंटन मामलों का जल्द होगा निपटारा

बैठक में विश्व की वृहत अन्न भंडारण योजना के तहत 500, 250 और 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित भूमि आवंटन मामलों को जल्द निपटाने पर जोर दिया गया।

सरकार अब खेती में मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर्स को भी तेजी से विकसित करेगी। खास बात यह रहेगी कि गांवों में कौन-सी मशीनों की जरूरत है, इसका फैसला ग्रामीणों की राय से होगा। यानी अब ट्रैक्टर, रीपर, सीड ड्रिल या अन्य कृषि उपकरण स्थानीय जरूरत के हिसाब से खरीदे जाएंगे। इससे किसानों को कम लागत में आधुनिक कृषि उपकरण मिल सकेंगे।

पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नई पैक्स समितियों के गठन को भी प्राथमिकता

बैठक में पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नई पैक्स समितियों के गठन को भी प्राथमिकता दी गई। विभाग ने 31 मई तक नए पैक्स स्वीकृत करने और 20 जून तक उनका पंजीयन पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन पर भी जोर दिया गया ताकि लेनदेन पूरी तरह ऑनलाइन हो और पारदर्शिता बढ़े।

डॉ. शर्मा ने कहा कि राजस्थान सहकारिता क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई योजनाओं में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निष्क्रिय समितियों को सक्रिय करने, डेयरी समितियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और माइक्रो एटीएम के बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बायोमीट्रिक अटेंडेंस और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण

बैठक का सबसे सख्त संदेश भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर रहा। शासन सचिव ने स्पष्ट कहा कि विभाग में “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, बायोमीट्रिक अटेंडेंस और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।

सरकार की इस नई रणनीति को गांवों में सहकारिता मॉडल को मजबूत करने और किसानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की बड़ी पहल माना जा रहा है।