Weather Forecast: जयपुर. राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा अपडेट के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे गर्मी का असर और तेज हो सकता है।
हालांकि, उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में अगले 2 से 3 दिनों तक हल्की बारिश और मध्यम दर्जे के मेघगर्जन की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम शुष्क होने लगेगा और तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। विशेषज्ञों के अनुसार आगामी 3 से 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेष रूप से 9 मई के आसपास जोधपुर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा, 7 मई से जोधपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
8 से 11 मई के बीच सीमावर्ती इलाकों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक
जयपुर. राजस्थान में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग के शाम 8:30 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों में आंधी-बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है, जबकि तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इससे गर्मी का असर फिर से तेज हो सकता है।
बीते दिन राज्य में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकांश शहरों में तापमान सामान्य से नीचे रहा, लेकिन अब इसमें 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार 8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे हीटवेव का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
हालांकि, आज और अगले दो दिनों तक कोटा, उदयपुर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क हो जाएगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवातों का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे प्रदेश में गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने और अधिक गर्मी से बचने की सलाह दी गई है।