बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर में अवैध हथियारों की सप्लाई के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि दुर्गेश सोनी, कुख्यात अपराधी जेपी डारा के संपर्क में आने के बाद अपराध की दुनिया में उतरा और धीरे-धीरे हथियार सप्लायर बन गया।
अब बीकानेर पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बहु-राज्यीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर चुकी है। पुलिस ने दुर्गेश सोनी को दो पिस्टल और मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि ये हथियार मार्च में उत्तर प्रदेश से दो युवक लेकर आए थे, जिन्हें उसने और उसके साथियों ने लेकर कर अपने पास रखा था।
मध्यप्रदेश के अशोक नगर में दर्ज करीब 10 करोड़ रुपए के मामले में भी दुर्गेश का नाम सामने आया है। आरोप हैं कि उसने शूटर को हायर करने और भुगतान की व्यवस्था में भूमिका निभाई थी। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस की टीम दो बार बीकानेर आकर जांच कर चुकी है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार कुख्यात गैंगस्टर हैरी बॉक्सर से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी कड़ी में सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल डिटेल और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
मोबाइल, सिम और ठिकानों की पड़ताल
जेल के भीतर इस्तेमाल हुए मोबाइल फोन और सिम कार्ड की भी भी जांच की जा रही है। पुलिस पांच संदिग्धों की पहचान कर उनके ठिकानों, आवाजाही और संपर्क सूत्रों को खंगाल रही है, ताकि नेटवर्क की पूरी चेन सामने आ सके। बीकानेर पुलिस और भोपाल एटीएस संयुक्त रूप से इस हथियार सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां अन्य राज्यों में जुड़े लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सीओ सिटी अनुज डाल के अनुसार, पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। जुड़े सभी लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपराध की राह पर ऐसे बढ़ा कदम
जांच में सामने आया कि दुर्गेश का संपर्क कुख्यात अपराधी जेपी डारा से हुआ, जिसने उसे अपराध जगत में प्रवेश दिलाया। जेपी डारा पहले बाल संप्रेषण गृह में भी रह चुका है और हार्डकोर अपराधियों में गिना जाता है। उसके जरिए दुर्गेश ने हथियारों के लेन-देन का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
अवैध हथियारों के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ा प्रहार
इधर, बीकानेर में अवैध हथियारों के नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ा प्रहार करते हुए एक ही दिन में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर गैंग का भंडाफोड़ किया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस ने 1 मई को थानाधिकारी गौरव सारस्वत के नेतृत्व में लालगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन पुलिया के नीचे से विकास बिश्नोई और किशन सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल बरामद हुई, जिस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हथियार सप्लाई की आशंका के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना संकलन के आधार पर गैंग के मुख्य आरोपी महबूब उर्फ मोनू उर्फ मोनसा उर्फ डिफाल्टर और सतार खान उर्फ अब्दुल को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी गंभीर धाराओं में करीब छह-छह प्रकरण दर्ज है, जिससे इनके आपराधिक इतिहास का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी शहर में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। समय रहते कार्रवाई से संभावित वारदात टल गई। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।