सपोटरा. राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों के तहत अमृतं जलम् अभियान मंगलवार को पुरानी तलाई पर जनशक्ति का प्रतीक बनकर उभरा। तेज गर्मी के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर जल बचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस मौके पर श्रमदान के जरिए संदेश दिया गया कि अब भी नहीं चेते, तो आने वाला समय पानी के लिहाज से मुश्किल भरा होगा। वक्ताओं ने कहा कि पानी की हर बूंद अमूल्य है और इसे बचाना अब विकल्प नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्यता बन चुका है। जल है तो कल है के संकल्प के साथ लोगों से अपील की गई कि वे अपने दैनिक जीवन में जल संरक्षण को प्राथमिकता दें।
तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल ने की इस पहल को जनजागरण का सशक्त माध्यम बताते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार से जुड़े ऐसे अभियान समाज को जागरूक करने के साथ-साथ व्यवहार में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं पंचायत समिति विकास अधिकारी बृजलाल बैरवा ने भी के सामाजिक सरोकार कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रिका समय-समय पर सामाजिक हितों को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को जागरूक करता है, जो सराहनीय पहल है। अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढिय़ों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
पुरानी तलाई के संरक्षण, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ और इसे जनभागीदारी से संवारने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पंचायत समिति विकास अधिकारी बृजलाल बैरवा, मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लखन लाल मीणा, नगर पालिका कनिष्ठ अभियंता गुरदीप ङ्क्षसह कश्यप, शहरी रोजगार सहायक राजकुमार शुक्ला, नाहर ङ्क्षसह मीणा, भाजपा नेता सीताराम भूतिया, लेखा सहायक महेश गुर्जर सहित नगर पालिका के कार्मिक मौजूद रहे।