Urban Development: जयपुर। राजस्थान के शहरों को वैश्विक स्तर पर विकसित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने के लिए नगरीय विकास एवं आवासन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा इन दिनों डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के अध्ययन दौरे पर हैं। यह दौरा 1 मई से 10 मई 2026 तक निर्धारित है, जिसमें विभागीय अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है।
शहरी विकास को आधुनिक, टिकाऊ और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना
इस उच्च स्तरीय दौरे का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के शहरी विकास को आधुनिक, टिकाऊ और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। कोपेनहेगन, जो दुनिया के सबसे सस्टेनेबल शहरों में गिना जाता है, वहां के सफल शहरी मॉडल्स का अध्ययन कर राज्य में लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल सतत शहरी विकास, जल संसाधन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के उपायों पर विशेष ध्यान दे रहा है। खासतौर पर एकीकृत शहरी जल प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, सीवेज और सेप्टेज के वैज्ञानिक उपचार जैसे विषयों पर गहन अध्ययन किया जा रहा है।
‘ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ जैसे अभिनव मॉडल्स पर भी चर्चा
इसके अलावा, ‘ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ जैसे अभिनव मॉडल्स पर भी चर्चा हो रही है, जिसमें शहरों में जल निकासी, हरित क्षेत्र और जल संरक्षण को एक साथ जोड़कर बेहतर शहरी जीवन सुनिश्चित किया जाता है। नदी पुनर्जीवन, शहरी जल निकासी प्रणाली में सुधार और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपायों को भी इस दौरे में प्रमुखता दी गई है।
मंत्री खर्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जा रहे सफल मॉडलों को समझकर राजस्थान के शहरी परिदृश्य में लागू किया जाएगा। इससे न केवल शहरों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
यह दौरा राज्य के शहरी विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिससे आने वाले समय में राजस्थान के शहर अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और सस्टेनेबल बन सकेंगे।