जयपुर: अगर आप भी एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू गैस के वितरण, सब्सिडी और सुरक्षा को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
बता दें कि 1 मई से देश भर में नए नियम लागू हो चुके हैं। यदि आपने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए, तो आपका गैस कनेक्शन बंद हो सकता है और आपको सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि सरकार ने क्या नए नियम बनाए हैं और आपको क्या काम तुरंत करने होंगे।
नए नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं?
मौजूदा समय में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस के आयात में कुछ रुकावटें आई हैं। इस वजह से गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी) जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं।
इन स्थितियों से निपटने और घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए तेल कंपनियों ने नियमों को सख्त किया है। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य हैं, डुप्लीकेट कनेक्शन को बंद करना। सब्सिडी वाले सिलेंडरों के अवैध कमर्शियल इस्तेमाल पर रोक लगाना और इनएक्टिव (निष्क्रिय) खातों की पहचान कर उन्हें बंद करना।
PNG कनेक्शन है तो सरेंडर करना होगा LPG
सरकार का नया नियम उन घरों के लिए काफी सख्त है, जहां पीएनजी (पाइप वाली प्राकृतिक गैस) की सुविधा पहले से मौजूद है। यदि आपके घर में या आपके घर के आसपास पीएनजी पाइपलाइन का कनेक्शन है, तो आपको अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। सरकार दोनों डेटाबेस (LPG और PNG) को आपस में जोड़कर ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही है। अगर आप अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं करते हैं, तो तेल कंपनियां आपकी गैस सप्लाई को रोक देंगी।
बिना e-KYC नहीं मिलेगा सिलेंडर
गैस कनेक्शन चालू रखने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है, जिन उपभोक्ताओं का आधार कार्ड वेरिफिकेशन अधूरा है, उन्हें सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दी जाएगी। वहीं, जिन ग्राहकों ने पहले ही अपना बायोमैट्रिक या आधार वेरिफिकेशन पूरा करवा लिया है, उन्हें यह प्रक्रिया दोबारा करने की जरूरत नहीं है।
पुराने ग्राहकों पर नजर
जिन उपभोक्ताओं ने जून 2025 से पहले अपना एलपीजी सिलेंडर रिफिल करवाया था और उसके बाद से कोई बुकिंग नहीं की, उन्हें ‘संभावित निष्क्रिय उपयोगकर्ता’ माना जाएगा। ऐसे ग्राहक जब तक ई-केवाईसी नहीं करवाएंगे, तब तक नया सिलेंडर ऑर्डर नहीं कर पाएंगे।
डिलीवरी के लिए OTP अनिवार्य
सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए डिलीवरी सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। अब कई क्षेत्रों में ओटीपी आधारित डिलीवरी को अनिवार्य किया जा रहा है। जब आप सिलेंडर बुक करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ यानी ओटीपी आएगा। जब डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर आएगा, तब आपको उसे यह ओटीपी बताना होगा। वेरिफिकेशन सफल होने के बाद ही आपको सिलेंडर सौंपा जाएगा।
ग्राहकों को तुरंत क्या करना चाहिए?
तुरंत अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाएं या उनकी आधिकारिक वेबसाइट/एप के जरिए आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करें।
गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं, ताकि ओटीपी मिलने में कोई परेशानी न हो।
सब्सिडी का लाभ लेते रहने के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड आपके बैंक खाते से सही तरीके से जुड़ा हुआ हो।
यदि आपके पास एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं या आपके घर में पीएनजी भी है, तो अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर कर दें।