कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी की असिंचित 12 हजार हेक्टेयर भूमि को मध्यप्रदेश के गांधी सागर बांध से पानी उपलब्ध कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इस दिशा में दोनों राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।
सिलावट से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहनलाल यादव के प्रस्ताव पर दिलावर ने शनिवार को मध्यप्रदेश के इंदौर में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। दिलावर के साथ जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता वृत कोटा महेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता कोटा अनिल मीणा तथा कनिष्ठ अभियंता इंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र डार्क जोन में शामिल
बैठक के दौरान दिलावर ने सिलावट को बताया कि कोटा जिले का रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र डार्क जोन में शामिल है, जहां भूमिगत जल स्रोतों की भारी कमी है। इसके कारण क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर भूमि लंबे समय से असिंचित बनी हुई है। वर्तमान में करीब 2 हजार हेक्टेयर भूमि के लिए भी कोई प्रभावी सिंचाई योजना तैयार नहीं हो पाई है, क्योंकि पर्याप्त जल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं। इससे किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है और कृषि उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
गांधी सागर बांध से सिंचाई संभव
दिलावर ने प्रस्ताव रखा कि मध्यप्रदेश के भानपुरा क्षेत्र से सटे राजस्थान के रामगंज मंडी इलाके के गांवों में लगभग 12 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई गांधी सागर बांध से संभव है। उन्होंने बताया कि भानपुरा के सीमावर्ती गांवों में पहले से ही गांधी सागर बांध की नहरों के जरिए सिंचाई हो रही है और इन नहरों से निकलने वाला अतिरिक्त पानी रामगंज मंडी क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गांधी सागर से मध्यप्रदेश के रीवा बैराज तक नई फीडर चैनल बनाकर पानी को आगे बढ़ाया जाए, जिससे इस जल को रामगंज मंडी तक पहुंचाया जा सके। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है और सूखे की समस्या में भी कमी आएगी। इस पर सिलावट ने अपने विभाग के अधिकारियों के साथ पूरी योजना को गंभीरता से सुना और तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि योजना का गहन अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान तलाशा जाएगा।
गौरतलब है कि 24 अप्रेल को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहनलाल यादव रामगंज मंडी के दौरे पर आए थे। उस समय दिलावर ने इस परियोजना को लेकर उनसे विस्तार से चर्चा की थी। मुख्यमंत्री ने इसे उपयोगी पहल बताते हुए संबंधित विभाग को आगे बढ़ाने के संकेत दिए थे। अब दोनों राज्यों के स्तर पर चर्चा तेज होने से क्षेत्र के किसानों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में सिंचाई की समस्या का समाधान निकल सकता है।