झालावाड़: कंजर समुदाय का पहला युवक बना होमगार्ड, ‘पुनर्वास कार्यक्रम’ से बदली किस्मत

झालावाड़ । जिले में पुलिस के अभिनव ‘कंजर पुनर्वास कार्यक्रम’ के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इसी कार्यक्रम से मिली प्रेरणा और सहयोग से कंजर समुदाय के एक युवक मनोज कुमार का चयन राजस्थान होमगार्ड में हुआ है। सरकारी सेवा का हिस्सा बनने वाले मनोज कुमार इस समुदाय के पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने न केवल अपराध से दूरी बनाई, बल्कि अपनी मेहनत के दम पर सफलता हासिल कर समाज के सामने एक मिसाल पेश की है।

जिले चौमहला-गंगधार और झालावाड़ सर्किल में आबाद 20 डेरों में करीब 4300 कंजर समुदाय के व्यक्ति निवास करते हैं। यह समुदाय अत्यंत पिछड़ा होकर समाज की मुख्यधारा से कट गया था। इस समुदाय के कई लोगों को अपराध से दूरकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद के संचालन में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

समुदाय के लिए बदलाव का संदेश

डेरा कंजरान, बिरियाखेड़ी निवासी 25 वर्षीय मनोज कुमार ने शिक्षा का रास्ता चुना । पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने मनोज के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह चयन केवल एक व्यक्ति की नौकरी नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए बदलाव का संदेश है।

उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मनोज कुमार को सम्मानित कर अन्य युवाओं को भी सम्मानजनक जीवन जीने का संदेश दिया। इस दौरान उप अधीक्षक हर्षराज सिंह खरेडा, एएसआई मदन गुर्जर व हैड कांस्टेबल बाबूलाल मौजूद रहे।