Dausa News: दौसा जिला एवं सत्र न्यायाधीश केशव कौशिक ने कांस्टेबल प्रहलाद सिंह राजपूत की गोली मारकर हत्या करने के चर्चित प्रकरण में गुरुवार को 2 आरोपियों (सौरभ जाट और नवीन सिनसिनवार) को उम्रकैद व 3 आरोपियों (बंटी मीणा, शुभम सिंह जाट और जगवीर उर्फ जीतू मीणा) को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
आरोपी बाजरे के खेतों में छिपे हुए थे
प्रकरण के अनुसार 23 अगस्त 2023 को पुलिस की डीएसटी शाखा को फाइनेंस कम्पनी वालों ने सूचना दी कि उनकी टीम कालाखोह बस स्टैंड पर रिकवरी के लिए खड़ी थी। उनको देखकर दो अलग-अलग बाइकों पर आए दो जने बाइक को छोड़कर खेतों की तरफ भाग गए।
आरोपी संदिग्ध लग रहे हैं, उनके पास हथियार भी हैं। इस सूचना पर पुलिस की डीएटी टीम में शामिल सिपाही प्रहलाद सिंह व अन्य मौके पर पहुंचे। आरोपी बाजरे के खेतों में छिपे हुए थे। इस दौरान आरोपियों ने प्रहलाद सिंह को गोली मार दी।
प्रहलाद सिंह को पुलिस शहीद का दर्जा दिया गया
प्रहलाद सिंह को गंभीर घायल अवस्था में जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उसके सिर में से गोली निकाल दी थी। लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका।
बाद में प्रहलाद सिंह को पुलिस शहीद का दर्जा दिया गया। पुलिस लाइन में मूर्ति लगवाई गई। लोक अभियोजक गोपाल लाल शर्मा ने मजबूती से पैरवी करते हुए साक्ष्य व गवाह पेश किए। अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
प्रहलाद ने साल 2008 में ज्वाइन की थी राजस्थान पुलिस
प्रहलाद सिंह राजपूत नीमकाथाना क्षेत्र के चीपलाटा गांव के रहने वाले थे। उन्होंने खुद की जान की परवाह किए बिना अपराधियों का मुकाबला किया था। साल 2008 में प्रहलाद ने राजस्थान पुलिस ज्वाइन की थी।
उसके बाद साल 2021 में दौसा एसपी ने उन्हें जिले की स्पेशल टीम में तैनात किया था। प्रहलाद सिंह का ननिहाल दौसा के गांव भयपुर और ससुराल दौसा के ही झापड़ावास गांव में है।