बिलाड़ा। कस्बे और आसपास के गांवों में शाम आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के चलते कई जगह बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर, पेड़ और शादी समारोहों के टेंट उखड़ गए। सहायक अभियंता अटल मीणा के अनुसार विद्युत विभाग को 69 से अधिक बिजली पोल और 9 ट्रांसफार्मर गिरने से करीब 3.90 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
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कर्मचारी युद्धस्तर पर कार्य में जुटे
प्रभावित गांवों में खारिया मीठापुर, बिलाड़ा, जैतीवास, जैलवा, मालकोसनी और कालाऊना शामिल हैं। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग के कर्मचारी युद्धस्तर पर कार्य में जुटे हुए हैं। तेज आंधी का असर शादी समारोहों पर भी साफ दिखाई दिया। कई स्थानों पर टेंट उखड़ गए और तैयार भोजन खराब हो गया, जिससे मेहमानों को निराश होकर लौटना पड़ा। टेंट व्यवसायी ओमप्रकाश पटेल ने भी लाखों रुपए के नुकसान की जानकारी दी।
गोशाला का मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त
बाणगंगा गोशाला में आकाशीय बिजली गिरने से मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त हो गया और पास के एक मकान में दरारें आ गईं। हालांकि सैकड़ों पशुओं और जनहानि का टल जाना राहत की बात रही। भाकरानी कृषि फार्म में एक भैंस की मौत हो गई, जबकि अन्य स्थानों से भी पशुओं के मरने की खबरें सामने आई हैं। वहीं ओसियां क्षेत्र में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दोपहर तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था, लेकिन शाम होते ही धूलभरी आंधी और बारिश शुरू हो गई। इससे जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं कई समस्याएं भी उत्पन्न हो गईं।
गर्मी से कुछ राहत मिली
वहीं दूसरी तरफ दिनभर तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन शाम के समय अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद हुई बारिश से सड़कों और गलियों में पानी भर गया। आंधी और बारिश के कारण शादी-विवाह के सीजन में आयोजकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। खुले में आयोजित कार्यक्रमों में टेंट और सजावट प्रभावित हुई और कई जगह कार्यक्रमों को समय से पहले समेटना पड़ा। हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।