सोढ़ाण क्षेत्र को मिलेगा पीने का मीठा पानी: भारीपन व खारेपन की मार झेल रहे लोगों को राहत की आस

जैसलमेर जिले के सोढ़ाण क्षेत्र में पेयजल की समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है। यहां के अधिकांश गांवों और ढाणियों में भूजल में भारीपन और कहीं-कहीं खारापन पाया जाता है, जिससे यह पानी पीने योग्य नहीं रह जाता। मजबूरी में ग्रामीणों को कई बार इसी पानी का उपयोग करना पड़ता है। जिसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता रहा है। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे लोगों को अब राहत की उम्मीद जगी है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से एक महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 193 आरडी से नहर का मीठा पानी सोढ़ाण क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। योजना के पूरा होने पर क्षेत्र के 23 गांवों और दर्जनों ढाणियों में नहरी पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि आगामी गर्मियों तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।

यहां है पेयजल गुणवत्ता की दिक्कत

वर्तमान में खुहड़ी से आगे मानेरी, धानेरी, बैरसियाला, केसरसिंह का तला, फुलिया, सत्तो, केरला, मिठड़ाऊ, पोछीणा आदि में भूजल में फ्लोराइड व टीडीएस की अधिकता की शिकायतें मिलती हैं। इस पानी के उपयोग के कारण लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बैरसियाला के वीरेंद्रसिंह सोढ़ा के अनुसार पानी के सेवन से दांतों में पीलापन, पेट से जुड़ी बीमारियां, जोड़ों में दर्द, कमर दर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर अधिक देखा जा रहा है। कई परिवारों को पीने के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है या फिर महंगे दामों पर पानी खरीदना उनकी मजबूरी बन गई है। स्वरूपसिंह ने बताया कि गर्मियों के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब पानी की उपलब्धता घट जाती है और खारेपन की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में शुद्ध पानी की कमी लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर दोनों को प्रभावित करती है।

सुविधा के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी मुद्दा

-विभाग की ओर से 193 आरडी से नहरी पानी पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

-खुहड़ी से आगे नेटवर्क बिछाने का कार्य हो चुका है और सिविल कार्य भी पूरा हो गया है।

– जल संग्रहण के लिए डिग्गी बन चुकी है। टंकियों का निर्माण भी हो गया है। पम्प हाउस का काम चल रहा है।

– म्याजलार क्षेत्र में अभी लाइन नहीं बिछी है। अधिकारियों का कहना है कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि तय समय सीमा में योजना को पूरा कर क्षेत्रवासियों को राहत दी जा सके।

– जानकारों का मानना है कि मरुस्थलीय क्षेत्रों में खारे पानी की समस्या केवल सुविधा का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य का भी बड़ा मुद्दा है। ऐसे में मीठे पानी की उपलब्धता से न केवल बीमारियों में कमी आएगी, बल्कि लोगों की जीवन गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

छह महीनों में काम पूरा

193 आरडी से नहरी पानी लाने की करीब 90 करोड़ रुपए की योजना सोढ़ाण क्षेत्र के लिए बड़ी राहत प्रदान करने वाली है। आगामी 6 महीनों में यह कार्य पूरा हो जाएगा। वर्तमान में म्याजलार में आरओ लगा हुआ है। इसके अलावा वहां एक ढाणी में ट्यूबवैल से उम्दा श्रेणी का पानी मिल रहा है। जवान वहां से पानी भरते हैं।

– निरंजन मीणा, अधिशासी अभियंता, नगरखंड, जन स्वा. अभि. विभाग, जैसलमेर