Pachpadra Refinery Fire: पचपदरा/जयपुर। राज्य की राजनीति का केंद्र बनी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) को करीब डेढ़ दशक बाद मंगलवार को मिलने वाली सौगात आग लगने से टल गई। बताया जा रहा है कि ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रो रसायन परिसर की जिस यूनिट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को बटन दबाकर उद्घाटन करने वाले थे, सोमवार को उसी मुख्य यूनिट में भीषण आग लग गई। इससे पूरे रिफाइनरी परिसर में हड़कंप मच गया।
इस हादसे ने पूरे प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के स्पष्ट कारणों पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यूनिट के आसपास कार्यरत प्रत्यक्षदर्शी कार्मिकों के अनुसार हादसे के समय लंच ब्रेक चल रहा था। यदि लंच का समय नहीं होता बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती थी। बताया जा रहा है कि इस यूनिट में 150 से अधिक लोग कार्यरत हैं।
डेढ़ घंटे पहले अधिकारियों ने किया निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट-वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू-वीडीयू) रिफाइनरी में बनी 13 यूनिटों में पहली है। प्रधानमंत्री मोदी इसी यूनिट का अवलोकन कर उद्घाटन करने वाले थे। यूनिट से कुछ दूरी पर पांडाल भी बनाया गया था। बताया जा रहा है कि आग लगने से करीब डेढ़-दो घंटे पहले अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की टीम निरीक्षण कर लौट गई थी।
गर्मी बढ़ने से सील से हुआ क्रूड रिसाव
रिफाइनरी में कार्यरत कर्मचारियों के मुताबिक क्रूड एक्सचेंजर में अत्यधिक गर्मी बढ़ने से सील से क्रूड रिसाव हुआ, जिससे आग लगी। इसी एक्सचेंजर में क्रूड गर्म कर अन्य यूनिटों में भेजा जाता है। हालांकि घटना की जांच एचपीसीएल प्रबंधन और राज्य सरकार की ओर से कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद रिफाइनरी परिसर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों तथा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की लंबी बैठक हुई। इसके बाद शाम को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री का दौरा निरस्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी।
सामान्य हादसा, लापरवाही या साजिश?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सियासी हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि यह सामान्य हादसा था, लापरवाही का नतीजा या फिर कोई साजिश। सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं से जांच कर रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को घटनास्थल का दौरा करेंगे।
नुकसान का आकलन नहीं
79,459 करोड़ रुपए की लागत और 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली इस रिफाइनरी में आग से हुए नुकसान का अभी तक कोई आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित यूनिट को दोबारा चालू करने में कितना समय लग सकता है।
सीएम ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों और रिफाइनरी प्रबंधन से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा स्थगित किया गया है। घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को दोपहर ढाई बजे जयपुर से बाड़मेर रवाना होने वाले थे, लेकिन तय कार्यक्रम से करीब आधा घंटा पहले आग लगने की सूचना मिल गई। दिल्ली से कार्यक्रम स्थगित करने के निर्देश मिलने के बाद अब वे मंगलवार को पचपदरा जाएंगे।
जयपुर-पचपदरा-दिल्ली तक हड़कंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले लगी आग ने जयपुर से पचपदरा और दिल्ली तक हलचल मचा दी। आग लगते ही रिफाइनरी और पीएम के प्रस्तावित दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। आखिरकार शाम को आग पर काबू पाने और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से पीएम का दौरा स्थगित किए जाने की घोषणा के बाद चर्चाओं और अफवाहों पर विराम लगा।
फीका पड़ा उत्सव का माहौल
हादसे से उद्घाटन को लेकर क्षेत्र में बना उत्साह फीका पड़ गया। तैयारियों पर हुए करोड़ों रुपए के खर्च पर भी सवाल उठने लगे हैं। जोधपुर, बालोतरा और बाड़मेर तक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों को सभा स्थल तक लाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से रिफाइनरी के उद्घाटन का इंतजार कर रहे थे। इस परियोजना से क्षेत्र के विकास और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन फिलहाल इन उम्मीदों पर पानी फिर गया है