Jaipur: सांगानेर रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत; 103 साल बाद 107.9 करोड़ में हैरिटेज से होगा हाईटेक

Sanganer Railway Station Upgrade: जयपुर जंक्शन खातीपुरा और गांधीनगर के बाद अब सांगानेर स्टेशन की भी सूरत बदलने जा रही है। 100 साल से अधिक पुराने हैरिटेज स्वरूप को बदलकर इसे हाईटेक बनाया जा रहा है। काम शुरू हो चुका है और रेलवे इसके कायाकल्प पर 107.9 करोड़ रुपए खर्च करेगा। पुनर्विकास के बाद यहां ट्रेनों के ठहराव बढ़ने की उम्मीद है। इससे मानसरोवर, सांगानेर, मुहाना, भांकरोटा और टोंक रोड जैसे आबादी वाले क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी।

103 साल बाद भी सुविधाएं पुराने दौर जैसी

वर्ष 1905 में बने सांगानेर स्टेशन पर आज भी यात्री सुविधाएं पुराने दौर जैसी ही है। सीमित ट्रेनों के ठहराव और सुविधाओं के अभाव में यहां यात्रीभार कम रहता है। लंबे समय से इसके पुनर्विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे अब ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ में शामिल कर पूरा किया जा रहा है। यात्री सुविधाएं लगभग दोगुनी बढ़ाई जाएंगी। रेलवे ने इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। 1905 में बना स्टेशन दो साल बाद नए अवतार में नजर आएगा और स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए सुविधाएं दोगुनी होंगी।

विकसित होंगी ये सुविधाएं

मुख्य स्टेशन बिल्डिंग करीब 3800 वर्गमीटर क्षेत्र में बनेगी।

सेकेंड एंट्री बिल्डिंग 600 वर्गमीटर में विकसित होगी।

चार हाई लेवल प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे।

रेल लाइनों की संख्या तीन से बढ़ाकर चार की जाएगी।

सुरक्षित संचालन के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा।

5 मीटर चौड़ा अंडरपास बनेगा, जिससे सभी प्लेटफॉर्म जुड़े रहेंगे।

यात्रियों की सुविधा के लिए 4 लिफ्ट लगाई जाएंगी।

बेहतर वेटिंग और टिकटिंग एरिया के साथ सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार होगा।

राजस्थानी संस्कृति होगी साकार

गांधीनगर और जयपुर जंक्शन की तर्ज पर सांगानेर स्टेशन पर भी राजस्थान की लोककला और संस्कृति की झलक दिखाई देगी। डिजाइन में सांगानेरी कला को शामिल किया जाएगा, जिससे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान भी बनाए रखेगा।

कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी

सांगानेर स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद यह कनेक्टिविटी और यात्री सुविधा को नई दिशा देगा। आने वाले समय में यह स्टेशन राजधानी के प्रमुख और आधुनिक रेलवे स्टेशनों में शामिल होगा। काम शुरू हो चुका है और मार्च 2028 तक यह तैयार हो जाएगा -अमित सुदर्शन, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे