सवाईमाधोपुर। राजस्थान में प्रस्तावित नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ब्यावर से भरतपुर तक बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत अब जमीन अधिग्रहण से पहले प्रभावित क्षेत्रों में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
ब्यावर-भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से पूर्व जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह जनसुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 तथा राजस्थान नियम 2016 के प्रावधानों के तहत होगी।
तीन दिन तक होगी जनसुनवाई
भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी वजीरपुर ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड गंगापुर सिटी के अधिशाषी अभियंता से जारी सूचना के अनुसार परियोजना के तहत प्रभावित गांवों में सामाजिक प्रभाव आंकलन के तहत जनसुनवाई होगी। यह जनसुनवाई 4 मई को प्रातः 11 बजे वजीरपुर तहसील के राजस्व ग्राम रेण्डायल गुर्जर, रेण्डायल तुर्क, चक रेण्डायल गुर्जर में आयोजित की जाएगी।
इसके बाद, 5 मई को मोहचा, खेडला जनेतपुर तथा 6 मई को भालपुर, बाढ़रायल, कैमरीखुर्द के भारत निर्माण सेवा केन्द्र में जनसुनवाई का आयोजन होगा। प्रशासन ने सभी प्रभावित भू-स्वामियों एवं नागरिकों से निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराने का आह्वान किया।
सवाईमाधोपुर के इन गांवों से गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे
बता दें कि प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण से पहले निर्माण के अंतर्गत आने वाले गांवों में भूमि उपयोग परिवर्तन, बिक्री, खरीद या विकास गतिविधियों पर रोक लगी हुई है। सवाईमाधोपुर जिले में यह एक्सप्रेसवे कैमरी खुर्द, बाढ़ रायल, खेड़ला, जनेतपुर, रेंडायल तुर्क, रेंडायल और मोहचा भालपुर सहित कई गांवों से होकर गुजरना प्रस्तावित है।
342 किलोमीटर लंबा होगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे
भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेसवे अजमेर, जयपुर, टोंक, दौसा, सवाईमाधोपुर जिले से होते हुए निकलेगा। यह एक्सप्रेसवे ब्यावर के नेशनल हाईवे 58 से शुरू होकर, मसूदा, बांदनवाड़ा, भिनाय, नागोला, केकड़ी, फागी, माधोराजपुरा, टोडारायसिंह, निवाई, लालसोट, निर्झरना, गंगापुर सिटी होते हुए भरतपुर में नेशनल हाईवे 21 पर जाकर मिलेगा। ब्यावर-भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे 342 किलोमीटर लंबा होगा। 14 हजार करोड़ रुपए की लागत से यह एक्सप्रेसवे तैयार होगा। नए एक्सप्रेसवे के लिए 3175 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।