Drugs factory in Barmer: बाड़मेर। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर राजस्थान का बाड़मेर नशे का नया अड्डा बनता जा रहा है। सदर थाना क्षेत्र के केरली (आदर्श चवा) गांव में खेत की आड़ में संचालित हो रही अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बाड़मेर एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने बताया कि पुलिस ने मौके से 39 किलो 777 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 85 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही इतनी मात्रा में कच्चा केमिकल व उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनसे करीब 50 करोड़ रुपए की और एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी। हैडिंग सुझाव
एसपी मीना ने बताया कि यह एमडी ड्रग्स मारवाड़ क्षेत्र के साथ-साथ देश की प्रमुख मेट्रो सिटीज में सप्लाई की जानी थी। पुलिस ने इस मामले में खेत मालिक भेराराम पुत्र हनुमानराम को गिरफ्तार किया हैं। इसके अलावा तीन लोगों को नामजद किया है। उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह लोग फैक्ट्री में एमडी तैयार करने का काम रात में करते थे और फिर दिन में गायब हो जाते थे।
धोरों के बीच बनाई गई थी पूरी ड्रग्स फैक्ट्री
पुलिस के अनुसार केरली गांव में धोरों के बीच स्थित भेराराम के खेत में एमडी ड्रग्स बनाने का पूरा सेटअप लगाया गया था। यहां मशीनों की मदद से एमडी तैयार की जा रही थी। तैयार ड्रग्स को मकान की छत पर तिरपाल बिछाकर सुखाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छत से 39 किलो 777 ग्राम सूखी एमडी ड्रग्स बरामद की। इसके अलावा मौके से 99 किलो 931 ग्राम लिक्विड केमिकल, कांच के 19 बर्तन, वैक्यूम पंप, सक्शन पाइप, डिजिटल थर्मामीटर, कांच की प्लेटें, लोहे की भट्टी, डी-फ्रिज, प्लास्टिक टंकियां, बिलोना मशीनें, इलेक्ट्रिक कांटा सहित बड़ी संख्या में उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मौके से दो लग्जरी वाहन भी जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।
मुख्य सरगना मोटाराम इनामी वांटेड
एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि इस अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का मुख्य मास्टरमाइंड मोटाराम पुत्र वीरमाराम जाट निवासी केरली (आदर्श चवा) है, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में चार प्रकरण दर्ज हैं। वह बालोतरा के कल्याणपुर और श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में दर्ज मामलों में फरार चल रहा है। गंगानगर पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए और बालोतरा पुलिस द्वारा 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। मोटाराम घर से 20 साल से ही बाहर है, वह सांचोर क्षेत्र में रहकर तस्करी कर रहा हैं। वहीं, आरोपी दिनेश गिरी पुत्र अचल गिरी निवासी रावतसर के खिलाफ भी चार प्रकरण दर्ज हैं। एक अन्य आरोपी फौजी बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है।
महाराष्ट्र से जुड़े ड्रग्स नेटवर्क के तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री लगाने से लेकर एमडी निर्माण और आगे सप्लाई की पूरी योजना मास्टरमाइंड मोटाराम द्वारा बनाई गई थी। एमडी ड्रग्स बनाने के लिए एक्सपर्ट्स को संभवत: महाराष्ट्र क्षेत्र से बुलाया गया था। पुलिस को इस गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं। मामले की गहन जांच जारी है।
एनसीबी की मदद से की गई बड़ी कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में एनसीबी जोधपुर टीम को भी बुलाया गया। एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने बताया कि डीएसटी कांस्टेबल रामस्वरूप की विशेष भूमिका रही। इसके अलावा डीएसटी प्रभारी आदेशकुमार मय टीम, सदर थानाधिकारी करतारसिंह मय टीम, महिला थानाधिकारी देवीचंद ढाका तथा एनसीबी के निरीक्षक लिखमाराम मय टीम कार्रवाई में शामिल रहे।