तिलम संघ को गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था देने पर जताया रोष

सूरतगढ.इस बार गेहूं की सरकारी खरीद एफसीआई की बजाय तिलम संघ करेगा और राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ नई धान मंडी के व्यापारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2022-23 के बाद एक बार पुन: तिलम संघ को सरकारी खरीद का जिम्मा मिलने से सरकारी खरीद केन्द्र खाली रहने की संभावना भी बढ़ गई है। इस वर्ष गेहूं के भाव समर्थन मूल्य से अधिक रहे तथा व्यापारियों ने 3,62,373 क्विंटल गेहूं की खरीद की थी।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 की तरह इस बार भी तिलम संघ को गेहूं की सरकारी खरीद का दायित्व मिला है। उस वक्त भी व्यापारियों के विरोध के बावजूद राज्य सरकार ने एफसीआई की बजाए तिलम संघ को गेहूं खरीद करने के लिए निर्देश दिए। नई धानमंडी में क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से तैयारियां भी की गई। गेहूं के सरकारी भाव 2015 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित रहे। लेकिन भाव के बढऩे की वजह से किसानों ने सरकारी खरीद केन्द्र की बजाए व्यापारियों को गेहूं का बेचान किया। इस वजह से 362373 क्विंटल गेहूं खुली बोली में बिका। वही, रामसरा जाखड़ान का खरीद केन्द्र की बागडोर एफसीआई के हाथों में होने की वजह से 450 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद हुई।

यह भी पढ़े…

http://राज्य स्तरीय अद्र्धवार्षिक परीक्षा 14 दिसंबर से,30 मिनट के अंतराल में नौनिहाल देंगे 2 पेपर

14 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने आरएमसी 2025-26 में खरीद के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 125 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि दिए जाने की भी घोषणा की है। इस बार राज्य में 14 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत एफसीआई को 153 खरीद केन्द्र पर 8.76 लाख मीट्रिक टन, राजफैड को 15 खरीद केन्द्र पर 0.13, तथा तिलम संघ को 45 खरीद केन्द्र पर 2.34, नफेड को 15 खरीद केन्द्र पर 0.68, एनसीसीएफ को 31खरीद केन्द्र पर 2.09 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। गेहूं की सरकारी खरीद के लिए अगले वर्ष 1 जनवरी से 25 जनवरी तक किसानों की ओर से पंजीयन तथा गेहंू खरीद कार्य10 मार्च से 30 जून तक किया जाएगा।

यह भी पढ़े…

संसद पहुंचते ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिखाए तेवर, अडानी का नाम लेकर मोदी सरकार को लिया आड़े हाथ

पूर्व विधायक भी लिख चुके हैं पत्र

पूर्व विधायक रामप्रताप कासनियां ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग मंत्री को पत्र प्रेषित कर गेहूं की सरकारी खरीद कार्य पूर्व की भांति एफसीआई के माध्यम से करवाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि व्यापार मंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन में व्यापारी व किसान एफसीआई की व्यवस्थाओं से संतुष्ट है। तिलम संघ द्वारा खरीद पर किसानों को बारदाना समय पर नहीं मिलने से तुलाई कार्य नहीं हो पाता। वही, भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। पूर्व विधायक ने सूरतगढ़ की नई धानमंडी में गेहूं की सरकारी खरीद कार्य एफसीआई को देने की मांग की है।

बारदाना व भुगतान की समस्या,करवाया है अवगत

व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय सोनी ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद कार्य तिलम संघ देने का व्यापार मंडल ने ऐतराज जताया है। इसके तहत मुख्यमंत्री, खाद्य आपूॢत मंत्री व पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया तक पत्र व्यवहार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद कार्य के लिए तिलम संघ के पास बारदाना व भुगतान की समस्या रहेगी। अन्य स्थानों पर पूर्व में ऐसी ही समस्याएं हो चुकी है। उन्होंने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद कार्य एफसीआई को देने की मांग को लेकर प्रशासन के माध्यम से भी राज्य सरकार को ज्ञापन भिजवाया जाएगा। ताकि तिलम संघ की बजाए एफसीआई को ही गेहूं खरीद कार्य का जिम्मा पुन: मिल सके।

Leave a Comment