वृद्धा को पेंशन नहीं मिली तो राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा, ये कैसा संविधान दिवस?

जयपुर। दिवंगत पति की जगह पेंशन की हकदार 95 वर्षीय विधवा को पांच माह से सिर्फ इसीलिए पेंशन जारी नहीं की जा रही क्योंकि उसका बैंक खाता नहीं खुल पाया। खाता नहीं खुलने का कारण आधार-पेन कार्ड न होना बताया गया है। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने न केवल बुजुर्गां की मदद के लिए सहायता केन्द्र व पॉलिसी बनाने की बात कही बल्कि मौखिक रूप से यहां तक कह दिया कि कैसा संविधान दिवस मना रहे हो? कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 17 दिसम्बर तक जवाब मांगा है।

सहायता केंद्र व पॉलिसी बनाएं

कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता भुवनेश शर्मा को निर्देश दिया कि सरकार की ओर से इस मामले में जवाब दिलाया जाए? साथ ही, शर्मा से कहा कि जिस तरह की समस्या का याचिकाकर्ता महिला को सामना करना पड़ रहा है वैसी समस्या अन्य बुजुर्गों के सामने नहीं आए इसके लिए सरकार ऐसी व्यवस्था करे ताकि बुजुर्गों को मदद मिल सके। इसके लिए सहायता केन्द्र व नीति बनाई जाए।

आधार नहीं बनने से खाता नहीं खुल रहा

न्यायाधीश समीर जैन ने जयदेवी शर्मा की याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता के पति का 18 मई 2023 को निधन हो गया था। वह अशिक्षित है और बैंक खाता नहीं है। आधार कार्ड नहीं बन पाने के कारण खाता नहीं खुला। प्रार्थिया ने 14 जून 2024 को पति के स्थान पर पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन बैंक खाता नहीं होने से पेंशन जारी नहीं हो पाई।

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