यूआईटी से पटटा बनाकर किया निर्माण, फिर भी बताया अवैध कब्जा

श्रीगंगानगर। चहल चौक के पास जिस दुकान का निर्माण को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी ने कब्जा बताकर जांच कराने की मांग की थी, इस भूमि के स्वामित्व वाले महेन्द्र साहू का कहना है कि वे खुद अतिक्रमण के खिलाफत हैं। उन्होंने अपने निजी रिश्तेदार के माध्यम से यह भूखंड खरीद किया। इस संबंध में यूआईटी से पट़टे जारी हुआ और उसकी बकायदा रजिस्ट्री भी कराई जा चुकी है। यह निर्माण पिछले बीस दिनो से चल रहा है। लेकिन विधायक जयदीप बिहाणी के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी की राजनीतिक द्वेषता के कारण बेवजह उनके भूखंड के निर्माण को अवैध बताकर मामले को तूल दिया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान साहू के साथ अन्य दुकानदारों का कहना था कि मगलानी और बिहाणी के आपसी राजनीतिक द्वेषता के असर चहल चौक क्षेत्र का विकास कार्य ठप हो जाएगा। विधायक को पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाएंगे और जिन लोगों ने झूठ का सहारा लिया है उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

सड़क भूमि पर बने कब्जे को हटाया था स्कूल

साहू ने बताया कि चहल चोक के पास उसकी पुश्तैनी भूमि पर उनका घर है। इस घर के सामने सड़क भूमि पर काफी पहले सरकारी स्कूल का निर्माण कर संचालित किया गया, इस स्कूल भवन को हटाने के लिए वे हाइकोर्ट की शरण में गए और पूरे साक्ष्य हाइकोर्ट के समक्ष पेश किए। ऐसे में निर्णय उनके हक में हुआ। यह स्कूल भवन हटाया जा चुका है। चहल चौक से लेकर जस्सासिंह मार्ग के कॉर्नर तक यह रोड एक सौ बीस फीट चौड़ी है। जबकि चौक के पास मुख्य नाले के किनारे दुकानों के पीछे साढ़े सौलह फीट रोड कुछ खुली है तो कुछ बंद पड़ी है।

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