वागड़ के तकरीबन 12 हजार पशुपालकों की जेब पर सरस डेयरी संघ ने वार कर दिया है। ऐसे में अब ये पशुपालक अपनी आय में आने वाली गिरावट को लेकर चिंतित हैं। इन पशुपालकों की मानें तो गर्मियों में दूध कम होने पर डेयरी संघ की ओर से दरों में इजाफा नहीं किया गया। लेकिन अब दर घटा जरूर दी गई हैं। जबकि उदयुपर के पशुपालकों से अभी भी अधिक मूल्य पर दूध की खरीदी की जा रही है। इस पक्षपात वाले रवैये से ये पशुपालक आहत हैं। संघ की ओर से घटाई जाने वाली दरें आज से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरें कम करने के मूड में नहीं संघ
सूत्रों की मानें तो बांसवाड़ा डेयरी संघ दूध की घटी दरों को बढ़ाने की मंशा में नहीं है। प्रतिमाह होने वाले नुकसान से बचने के लिए संघ ने यह कदम उठाया है। सूत्र बताते हैं कि बिना सरकार के हस्तक्षेप के संघ दरों को हाल फिलहाल रिवाइज नहीं करेगा। भले ही किसान संघ से दूरी बना लें।
दरों के अंतर से भी किसानों में नाराजगी
किसानों ने बताया कि संघ की ओर से दरों में भी अंतर किया जा रहा है। अगर उदयपुर डेयरी संघ की बात करें तो वहां 7.70 रुपए प्रति फैट के हिसाब से खरीदी हो रही है। जबकि बांसवाड़ा संघ से 7.20 रुपए प्रति फैट के हिसाब से खरीदी करने के निर्देश जारी किए हैं।
पशुपालक : हमें प्रति लीटर डेढ़ रुपए तक का नुकसान
बीएमसी सिलोही अध्यक्ष दिनेश पाटीदार बताते हैं कि संघ के इस फैसले से प्रत्येक दूध विक्रेताओं को प्रत्येक लीटर तकरीबन डेढ रुपए तक का नुकसान होगा। हम सभी पशुपालक संघ के साथ कार्य करना चाहते हैं। गुजरात की निजी डेयरियों के द्वारा अच्छे पैसे देने के बाद भी हम सभी संघ से जुड़े रहे। लेकिन यदि संघ उचित मूल्य नहीं देता है तो इससे हम सभी को काफी नुकसान होगा। दरों के कारण ही अनुमानित तौर पर रोजाना 75 हजार लीटर दूध निजी डेयरी ने जाती हैं। डेयरी संघ बांसवाड़ा- डूंगरपुर के पशुपालकों के साथ पक्षपात कर रहा है। उदयपुर डेयरी संघ 7.70 रुपए प्रति फैट की दर से दूध की खरीदी की जाती है।
हर माह आठ लाख का नुकसान
बांसवाड़ा डेयरी संघ अध्यक्ष वाजेंग पाटीदार बताते हैं कि चूंकि बांसवाड़ा संघ का दूध प्रोसेस के लिए उदयपुर भेजा जाता है और उसका ट्रांसपोर्ट का खर्चा संघ उठाता आया है। पूर्व में अनुबंध था। जो बीते अगस्त माह में खत्म हो गया। उसके बाद से अभी तक दो माह में संघ को तकरीबन 16 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इस घाटे को लेकर जयपुर से बांसवाड़ा एमडी से सवाल जवाब किए गए। जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। बांसवाड़ा डेयरी संघ को प्रतिदिन 25 हजार रुपए से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। जो माह में तकरीबन आठ लाख रुपए बैठता है।
कठोर कदम उठाना जरूरी
बांसवाड़ा संघ का 31 करोड़ रुपए का प्लांट निर्माणाधीन है। जिसके शुरू होने के बाद स्थितियों में काफी सुधार होगा। हम अधिक से अधिक दूध उत्पादकों को जोड़ सकेंगे। अभी हम नो प्रॉफिट नो लॉस पर संघ चलाना चाह रहे हैं। इसलिए कुछ कठोर कदम उठाना जरूरी है। संघ दूध उत्पादकों के लिए ही है।
विपिन शर्मा, कार्यवाहक, एमडी, सरस डेयरी संघ, बांसवाड़ा
फैक्ट फाइल
– 26000 लीटर दूध लेता है बांसवाड़ा डेयरी संघ
– 12 हजार से अधिक सदस्य जुड़े हैं संघ से
– 7.50 रुपए प्रति फैट की दर से संघ कर रहा था दूध की खरीदी
– 0.30 प्रति फैट की दर से घटाई दरें