पन्नाधाय बाल गोपाल दुग्ध योजना के लाभ से हो रहे वंचित। भुगतान नहीं मिलने से अब दुकानदारों ने भी पोषाहार उधारी में देना बंद करने की दी चेतावनी।
मालाखेड़ा. क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक बालकों को पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना का लाभ नए सत्र से ही नहीं मिल रहा है। आरोप है कि सरकार व विभाग ने दूध वितरण की कोई व्यवस्था नहीं की। सरकारी स्कूलों में मिडिल स्कूल तक पोषाहार बनाने वाली कुक कम हेल्पर महिलाओं को भी 11 महीने से फूटी कोड़ी भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते अब दुकानदारों ने भी पोषाहार उधारी में देना बंद करने की चेतावनी दी है।
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमरैण में करीब 25 स्कूलों में पोषाहार बनता है, जहां 30 महिलाएं कार्यरत हैं तथा 152 विद्यालयों में हैवेल्स से भोजन आता है। मालाखेड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय के अधीन 68 विद्यालयों में हैवेल्स से भोजन आता है तथा 70 विद्यालयों में महिलाएं पोषाहार बनाती हैं। शुद्ध पोषाहार इस क्षेत्र में बन रहा है, लेकिन महिलाएं भुगतान नहीं मिलने से परेशान हैं। विद्यालय में बना रहे पोषाहार को पोषाहार प्रभारी बालकों को खिलाने की व्यवस्था करते हैं। मालाखेड़ा में मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि 11 महीने से महिलाओं को भुगतान नहीं मिल रहा। साथ ही कई महीनों से बच्चों को पीने के लिए दूध नहीं मिल रहा। मामले में अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कमलेश शर्मा ने बताया कि दूध आवंटन तथा महिलाओं का भुगतान करने के लिए कई बार पत्र लिखे गए हैं, नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता की जांच एमडीएम प्रभारी और संस्था प्रधान करते हैं।
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215 स्कूलों के करीब साढ़े बारह हजार बच्चें प्रतिदिन पोषाहार से हो रहे लाभान्वित
राजगढ़.उपखण्ड क्षेत्र में मिड डे मील योजना के तहत करीब साढ़े बारह हजार बच्चोें को विद्यालयों मेें पोषाहार मिल रहा हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 215 विद्यालय हैं, जिनमें 12 हजार 545 विद्यार्थी पोषाहार का लाभ ले रहे हैं। सप्ताह में पोषाहार मीनू के अनुसार मिल रहा है। मीनू में सोमवार व शनिवार को रोटी, सब्जी व दाल, मंगलवार को दाल-चावल, बुधवार व शुक्रवार को रोटी-दाल, गुरुवार को खिचड़ी सब्जीयुक्त तथा सप्ताह में एक दिन मौसम के अनुसार फल दिए जाते हैं। शुद्ध पोषाहार बच्चों को परोसा जा रहा है तथा ताजा बनाया जाता हैं। पोषाहार की जांच प्रत्येक माह में सीबीईओपन्द्रह व एसीबीईओ बारह तथा चौतीस पीओ विद्यालयों में करते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और विभागीय मिड डे मील आयुक्तालय जयपुर त्रैमासिक अभियान के तहत अधिकारियों की ओर से पोषाहार की जांच की जाती है। प्रतिदिन प्रतिछात्र को कक्षा 1 से 5 तक सौ ग्राम तथा कक्षा 6 से 8 तक डेढ़ सौ ग्राम खाद्यान्न की मात्रा दी जाती है। राजगढ़एसीबीईओ कमल कुमार मीना का कहना है कि राजगढ़ क्षेत्र में नया खाद्यान्न आया है। प्रतिदिन ताजा पोषाहार विद्यालयों में ही बनाया जा रहा है। पोषाहार मीनू के अनुसार बच्चों को मिल रहा है। पोषाहार पूरी तरह से शुद्ध बनाकर बच्चों को खिलाया जा रहा हैं।
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एसडीएम ने उछर में मिड-डे-मील का किया निरीक्षण, पौषाहार की गुणवत्ता जांची
लक्ष्मणगढ़. उपखंड अधिकारी महोकम सिंह सिनसिनवार ने बुधवार को राउमावि उछर में मिड-डे-मील पोषाहार का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि निर्धारित मीनू के अनुसार ही भोजन बनाया हुआ मिला, जो बच्चों को वितरित किया जा रहा था। उन्होंने भोजन चखकर पोषाहार की गुणवत्ता की जांच की। प्रधानाचार्य को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय की शिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी ली एवं अध्यापकों को समय पर विद्यालय पहुंचने के निर्देश दिए।