शानदार पहल: दशकों से विवादों के चलते गांव और खेतों के बंद रास्ते अब खुलने लगे, जानें यह है कारण

जयपुर। गांव और खेतों की ओर जाने वाली राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन के रास्ता खोलो अभियान के दूसरे दिन भी जिला प्रशासन ने जिले में बरसों से बंद सिवायचक, कटानी एवं गैर मुमकिन सहित अन्य सभी प्रकार के 15 रास्ते खुलवाए। जिससे 8 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को लाभ होगा।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों ने शनिवार को सहमति एवं समझाइश से रास्ता खोलने की कार्यवाही को अंजाम दिया। अभियान के तहत फुलेरा, रामपुरा-डाबड़ी एवं माधोराजपुरा में 3-3, कालवाड़ एवं बस्सी में 2-2, जयपुर एवं किशनगढ़-रेनवाल तहसील में एक-एक रास्ता खुलवाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव और खेतों की ओर जाने वाली राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन के इस अभियान से आमजन को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन एवं पुलिस ने सहयोग कर दशकों से बंद सिवायचक, कटानी एवं गैर मुमकिन सहित अन्य सभी प्रकार के रास्तों को खुलवाया।


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किश्नगढ़-रेनवाल के हरसोली गांव में करीब 50 साल पुराना 500 मीटर लंबा गैर मुमकिन रास्ता समझाइश से खुलवाया गया। वहीं, जयपुर के विजयपुरा में 600 मीटर लंबा रास्ता खुलवाया जिससे 2 हजार 500 से ज्यादा ग्रामीणों को राहत मिलेेगी। रामपुरा डाबड़ी के जयरामपुरा गांव में करीब 3 किलोमीटर तो वहीं, मोहनबाड़ी गांव में करीब 2 किलोमीटर लंबा रास्ता खुलवा कर ग्रामीणों की राह आसान की गई। सालों से बंद रास्ते खुलने पर ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया साथ ही, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का आभार जताया।

गौरतलब है कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुक्रवार को जिले में रास्ता खोलो अभियान का आगाज हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं।

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