Rajasthan Unique Idea : जयपुर के स्टार्टअप की आनंद महिंद्रा ने की जमकर तारीफ, जानें प्रतीक तिवारी ने क्या किया?

Unique Idea : जयपुर के प्रतीक तिवारी के स्टार्टअप लिविंग ग्रीन ऑर्गेनिक्स की देशभर में चर्चाएं शुरू हो गई है। हाल ही में उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस तकनीक का वीडियो साझा करते हुए इसकी सराहना की थी। दरअसल, प्रतीक तिवारी ने कॉर्पोरेट की मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर उद्यमिता का रास्ता चुना। उनके स्टार्टअप ने शहरी जीवन की बड़ी समस्या गर्मी और शुद्ध भोजन की कमी का अनोखा समाधान दिया है। इस तकनीक से छतें हरियाली से ढक जाती है, जिससे सीधी धूप कंक्रीट तक नहीं पहुंचती। इसके कारण घर के अंदर का तापमान 6 से 7 डिग्री तक कम हो जाता है। साथ ही बिजली की खपत भी घटती है, क्योंकि एयर कंडीशनर की जरूरत कम हो जाती है। अब तक देश के 4,000 से अधिक परिवार इस तकनीक को अपना चुके हैं और अपने घरों में ताजी सब्जियां उगा रहे है।

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ट्वीट कर की सराहना

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस तकनीक का वीडियो साझा करते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी के बीच घरों को प्राकृतिक तरीके से ठंडा रखना और खुद के लिए जैविक भोजन उगाना भविष्य की जरूरत है। हमें अभी भी जलवायु परिवर्तन के पूरे प्रभावों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। लेकिन यह हम जानते हैं कि भारत में भीषण गर्मी की लहरें अब अपवाद नहीं रहीं। वे धीरे-धीरे जीवन का हिस्सा बनती जा रही हैं।

We still don’t know enough about the full consequences of climate change.

But we do know this: intense heat waves in India are no longer exceptions. They’re becoming a way of life.

These homeowners have responded by changing THEIR way of life.

By changing the way they live,… pic.twitter.com/9pr5yIktJv

— anand mahindra (@anandmahindra) May 22, 2026

क्या है ‘लिविंग ग्रीन ऑर्गेनिक्स’

जयपुर के प्रतीक का स्टार्टअप लोगों को घर की छत पर सब्जियां उगाने के लिए अर्बन फार्मिंग पैक्स उपलब्ध कराता है। इसमें पोर्टेबल गार्डन सिस्टम, ड्रिप सिंचाई और पौधों की सुरक्षा किट शामिल होती है। इस तकनीक की खासियत यह है कि बिना बड़े निर्माण या बदलाव के इसे किसी भी घर की छत पर लगाया जा सकता है। यह मॉडल केवल घरों (बी2सी) तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पतालों, स्कूलों और होटलों (बी2बी) में भी उपयोग किया जा रहा है।

स्टार्टअप के संस्थापकों का मानना है कि उनकी ‘रूफटॉप फार्मिंग’ (छत पर खेती) प्रणाली इस समस्या का एक व्यावहारिक समाधान पेश करती है। यह विचार ऑनलाइन काफ़ी लोकप्रिय हुआ है, खासकर ऐसे समय में जब भारतीय शहरों को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी लंबी और ज़्यादा तेज़ लू का सामना करना पड़ रहा है।