Rajasthan Electricity : मीटर से छेड़छाड़ अब पड़ेगी महंगी, लगेगी भारी पेनल्टी, 1 जून से लागू होंगे नए नियम

Rajasthan Electricity : राजस्थान के बिजली उपभोक्ता अब अलर्ट हो जाए नहीं तो लगेगी भारी पेनल्टी। बिजली चोरी, मीटर से छेड़छाड़ और विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार ने बिजली अधिनियम-2003 में संशोधन कर कई मामलों में जुर्माने की राशि बढ़ा दी है। नए प्रावधान 1 जून से लागू होंगे। नए नियमों के तहत बिजली आपूर्ति से जुड़े उपकरण, तार, खंभे या अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचाने पर 5 हजार से एक लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। यदि वही व्यक्ति दोबारा दोषी पाया जाता है तो फिर इतनी ही पेनल्टी भरनी होगी। कई मामलों मे जेल की बजाय भारी आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।

नए नियमों के प्रमुख प्रावधान

1- औद्योगिक उपभोक्ताओं पर 20 हजार रुपए प्रति किलोवाट तक कंपाउंडिंग राशि वसूली जाएगी।
2- वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट तय की गई है।
3- कृषि कनेक्शन पर 2 हजार और अन्य श्रेणी में 4 हजार रुपए प्रति किलोवाट की दर से लागू। 4- नियामक आयोग के आदेश की अवहेलना पर 10 हजार से 5 लाख रुपए तक जुर्माना। 5- लगातार उल्लंघन पर प्रतिदिन अतिरिक्त पेनल्टी लगेगी।

अब भारी आर्थिक नुकसान का रहेगा डर

बढ़ी हुई पेनल्टी बिजली चोरी रोकने में प्रभावी साबित हो सकती है। पहले कम दंड के कारण लोग जोखिम उठा लेते थे, लेकिन अब भारी आर्थिक नुकसान का डर रहेगा। हालांकि पारदर्शी जांच प्रक्रिया और उपभोक्ता जागरूकता भी जरूरी है, ताकि निर्दोष उपभोक्ता परेशान न हों।
वाईके बोलिया, रिटायर्ड एसई एवं ऊर्जा सलाहकार

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई मिलावट पर एक्शन

उदयपुर की एक अन्य खबर के अनुसार शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। कलक्टर गौरव अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के निर्देशों पर खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच तेज कर दी गई है। डॉ. आदित्य ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान के लिए गए दो नमूने अनसेफ पाए गए। इनमें भोपालपुरा स्थित कोकोमँगो कंपनी का कोकोनट वाटर तथा धूलकोट चौराहा स्थित न्यू लक्ष्मी डेयरी का खुला घी शामिल है।

नोडल खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता की कार्रवाई में कई खाद्य उत्पाद अमानक पाए गए हैं। इनमें राजभोग आइसक्रीम (100 फीट रोड), यमुना दूध भंडार का पनीर, खजूरिया श्याम एंटरप्राइजेज की आइसक्रीम, न्यू श्री धर्मराज स्वीट्स की मावा बर्फी, श्री गणपति डेयरी का पनीर, आर.एम. कलाकंद वल्लभनगर तथा नाकोडा प्रोविजन स्टोर का सरसों का तेल शामिल है। इन सभी फर्मों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नोटिस जारी किए गए है। वहीं तीन फर्मों के खिलाफ अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में चालान पेश किए गए है। उन्होंने बताया कि कानून के तहत अनसेफ पाए जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तक तथा 1 लाख से 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।