सिरोही। कालन्द्री क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। विद्युत निगम की ओर से आरडीएसएस योजना के तहत तंवरी एवं मड़िया 33/11 केवी जीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस तकनीकी सुधार से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और सुचारु हो सकेगी। अब तक मड़िया 33/11 केवी जीएसएस पर केवल एक ही 33 केवी फीडर से बिजली आपूर्ति होती थी। इसी प्रकार तंवरी जीएसएस भी एकल फीडर पर निर्भर था।
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फॉल्ट के दौरान भी जारी रहेगी सप्लाई
ऐसे में किसी भी 33 केवी लाइन में फॉल्ट या तकनीकी खराबी आने पर संबंधित क्षेत्र की बिजली पूरी तरह बंद हो जाती थी और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती थी। समस्या के स्थाई समाधान के लिए विद्युत निगम ने तंवरी और मड़िया जीएसएस के बीच नई 33 केवी लाइन स्थापित कर दोनों को रिंग सिस्टम से जोड़ दिया है।
अब दोनों जीएसएस को दो अलग-अलग स्रोतों से बिजली आपूर्ति मिलेगी। यदि किसी एक फीडर में खराबी आती है या मेंटेनेंस कार्य चलता है, तो दूसरे फीडर से तुरंत सप्लाई जारी रखी जा सकेगी। मड़िया क्षेत्र में लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई थी, क्योंकि यहां बिजली आपूर्ति 220 केवी जीएसएस सिरोही से लंबी दूरी तय कर पहुंचती थी। अब इस समस्या से भी निजात मिलेगी।
इन गांवों के उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
इस परियोजना से तंवरी जीएसएस क्षेत्र के चडुआल, फासरिया, तंवरी, नून, निम्बोड़ा, फुंगणी तथा मड़िया जीएसएस क्षेत्र के हालीवाड़ा, डूगरपुरा और आकूना गांवों के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। इस कार्य में विद्युत निगम के एक्सईएन आईडी चारण, एक्सईएन महेंद्र मीणा, एईएन हेमंत प्रजापत एवं जेईएन अनिल मीणा का सराहनीय योगदान रहा।
इनका कहना है
आरडीएसएस योजना के तहत तंवरी एवं मड़िया 33/11 केवी जीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। पहले दोनों जीएसएस एकल 33 केवी फीडर पर निर्भर थे, जिससे फॉल्ट आने पर लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती थी। अब दोहरे स्रोत से सप्लाई मिलने से किसी एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी लाइन से तुरंत विद्युत आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर और स्थिर बिजली मिलेगी तथा लो-वोल्टेज की समस्या में भी सुधार होगा।
आईडी चारण, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम, सिरोही