Government PG College Sirohi: सिरोही जिले के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राजकीय पीजी कॉलेज सिरोही को विदेशी भाषा शिक्षा का नोडल केंद्र बनाया गया है। जहां जर्मन और फ्रेंच भाषा का प्रमाण पत्र कोर्स शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यह पहल युवाओं को विदेशों में शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगी। कोर्स की अवधि 16 सप्ताह होगी, जिसमें प्रतिदिन दो घंटे की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होंगी।
प्रशिक्षण पूरा करने पर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्तर का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और हैदराबाद स्थित इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी के सहयोग से न्यूनतम शुल्क पर संचालित होगा। समझौता ज्ञापन के तहत राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
सभी विद्यार्थी कर सकेंगे आवेदन
सिरोही कॉलेज में शुरू हो रहा यह विदेशी भाषा कार्यक्रम न केवल युवाओं को नई भाषाओं का ज्ञान देगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य भी बनाएगा। न्यूनतम शुल्क और ऑनलाइन सुविधा इसे और भी सुलभ बनाती है। यह पहल सिरोही के युवाओं के लिए भविष्य की ओर एक बड़ा कदम साबित होगी।
इसकी कक्षाएं राजकीय महाविद्यालय सिरोही में ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी। कक्षाओं के प्रारंभ होने की तिथि एवं विस्तृत समय-सारणी शीघ्र ही जारी की जाएगी। भाषा सीखने के लिए कॉलेज में कोर्स शुल्क तय किए गए है।
सिरोही के जो युवा विदेश में जाकर पढ़ाई और रोजगार करना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स फायदमंद रहेंगे। राजकीय महाविद्यालय के साथ-साथ निजी महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
इन्होंने कहा…
यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाएगी। राजकीय पीजी कॉलेज सिरोही को विदेशी भाषा शिक्षा का नोडल केंद्र बनाया गया है, जहां फ्रेंच और जर्मन भाषा का प्रमाण पत्र कोर्स शुरू किया जा रहा है। इस कोर्स का उद्देश्य राज्य सरकार एवं संबंधित संस्थाओं के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का ज्ञान प्रदान कर रोजगार एवं कॅरियर के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
-प्रो. अजय शर्मा, प्राचार्य, पीजी महाविद्यालय सिरोही
यह युवा कर सकेंगे आवेदन
स्नातक विद्यार्थी
स्नातकोत्तर विद्यार्थी
वे युवा, जिन्होंने स्नातक या स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर ली
12वीं उत्तीर्ण राजस्थान निवासी, 18 से 35 वर्ष के युवा
युवाओं को होंगे फायदे
विदेशों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे
पर्यटन और होटल उद्योग में कॅरियर बनाने में मदद मिलेगी
व्यक्तित्व विकास और वैश्विक पहचान मजबूत होगी
आईटी और कॉर्पोरेट कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे