Arundhati Choudhary : राजस्थान की मुक्केबाज़ अब ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ में मारेंगी पंच, सेलेक्शन के साथ ही रच दिया इतिहास

राजस्थान में कोटा की ‘गोल्डन गर्ल’ अरुंधति चौधरी ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम में जगह बनाकर मरुधरा के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है, जो इससे पहले राज्य का कोई भी बॉक्सर (पुरुष या महिला) नहीं कर पाया है। अरुंधति की इस अभूतपूर्व कामयाबी के बाद पूरे राजस्थान में जश्न का माहौल है। जयपुर से लेकर कोटा के मुक्केबाजी क्लबों तक हर तरफ इस जांबाज बेटी की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर अरुंधति और देश भर से चुने गए एथलीटों को इस स्वर्णिम उपलब्धि के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।

वीर-वीरांगनाओं की धरती के लिए ऐतिहासिक क्षण : सीएम भजनलाल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरुंधति चौधरी के चयन को राजस्थान के स्वाभिमान और युवा शक्ति के उदय से जोड़ा। उन्होंने इसे प्रदेश की हर उस बेटी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया जो विपरीत परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ना चाहती है।

मुख्यमंत्री जी ने आधिकारिक तौर पर बधाई देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जी के ‘खेलें इंडिया’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए हमारे खिलाड़ियों ने कमाल किया है। वीरों और वीरांगनाओं की पावन धरती राजस्थान के लिए यह अत्यंत गौरव, सम्मान और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण है कि प्रदेश से पहली बार किसी बॉक्सर को कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है। अरुंधति चौधरी की यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के साहस, आत्मविश्वास, प्रतिभा और अटूट संकल्प की प्रेरणादायी विजय गाथा होने के साथ-साथ युवा शक्ति के लिए भी एक सशक्त प्रेरणा है।”

सीएम ने आगे विश्वास जताया कि पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (SAI) में कड़ा अभ्यास कर रही अरुंधति अपने कड़े अनुशासन और समर्पण के बल पर ग्लासगो की रिंग में तिरंगे की शान को नई बुलंदियों पर लेकर जाएंगी।

#CommonwealthGames2026 हेतु भारतीय टीम में राजस्थान की गौरवशाली बेटी अरुंधति चौधरी जी के चयन पर हृदय से हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं। साथ ही, देशभर से चयनित सभी खिलाड़ियों को भी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं!

वीरों और वीरांगनाओं की पावन धरती… pic.twitter.com/PIzHqhVZjD

— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) May 21, 2026

IIT का सपना छोड़ ‘मुक्के’ में ढूंढा करियर

अरुंधति चौधरी की यह कहानी केवल रिंग के भीतर की नहीं है, बल्कि यह कोटा के उस पारंपरिक ‘IIT/Medical’ के ढर्रे को तोड़कर लीक से हटकर कुछ अलग कर गुजरने की एक बेजोड़ कहानी है।

पिता का था आईआईटी का सपना: कोटा बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष और अरुंधति के पिता सुरेश चौधरी शुरू में चाहते थे कि उनकी बेटी गणित में तेज होने के कारण कोटा के किसी बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट में जाकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (IIT-JEE) की तैयारी करे।

मां का मिला साथ: लेकिन अरुंधति के भीतर एक खिलाड़ी सांस ले रहा था। उनकी माता सुनीता चौधरी ने बेटी के खेल के प्रति रुझान को समझा और परिवार को खेल के पक्ष में राजी किया।

बास्केटबॉल से मुक्केबाजी का टर्निंग पॉइंट

अरुंधति पहले अपनी स्कूल बास्केटबॉल टीम की कप्तान थीं। लेकिन पिता के उस चैलेंज के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर खेलना है तो कोई व्यक्तिगत (Individual) गेम चुनो, अरुंधति ने सीधे मुक्केबाजी के ग्लव्स पहन लिए।

मेडल मशीन’ हैं अरुंधति

ARUNDHATI CLINCHES THE CROWN!

​Pure grit and glory!

​Arundhati Choudhary delivers a stellar performance in the 70kg final, defeating Kazakhstan’s Bakyt Seidish with a dominant 4:1 victory! pic.twitter.com/btOG89niq7

— Boxing Federation (@BFI_official) April 9, 2026

भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत अरुंधति चौधरी इस समय 70 किलोग्राम भार वर्ग में दुनिया की सबसे खतरनाक और आक्रामक मुक्केबाजों में से एक मानी जा रही हैं। उनके कद और शानदार रीच का सामना करना इंटरनेशनल बॉक्सर्स के लिए बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल का सफरनामा

वर्ष (Year)चैंपियनशिप / इंटरनेशनल इवेंटवजन वर्ग / इवेंट स्थानमेडल का रंग (Medal Status)स्पेशल नोट (Performance Highlight)2026एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप70 kg (मंगोलिया)स्वर्ण पदक (Gold)कजाकिस्तान की धाकड़ बॉक्सर को 4-1 से शिकस्त दी।2026BOXAM एलीट इंटरनेशनल70 kg (स्पेन)स्वर्ण पदक (Gold)यूरोपीय मुक्केबाजों के खिलाफ रिंग में एकतरफा राज।2025विश्व मुक्केबाजी कप (Finals)70 kg (ग्रेटर नोएडा)स्वर्ण पदक (Gold)उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को 5-0 से धोया।2021AIBA यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप69 kg (पोलैंड)स्वर्ण पदक (Gold)राजस्थान के इतिहास की पहली वर्ल्ड चैंपियन बनीं।2018-20खेलो इंडिया यूथ गेम्समल्टीपल कैटेगरीज3 लगातार गोल्डघरेलू सर्किट पर लगातार हैट्रिक जमाकर सुर्खियां बटोरीं।

खेल इतिहास का सबसे बड़ा कमबैक!

अरुंधति चौधरी (फोटो-सोशल मीडिया)

अरुंधति चौधरी की कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की इस टीम में एंट्री इतनी आसान नहीं थी। साल 2021 में वर्ल्ड चैंपियन बनने के तुरंत बाद वे एक बेहद ही दर्दनाक कलाई के फ्रैक्चर और टखने की चोट का शिकार हो गईं।

डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि शायद अब वे कभी हैवी पंच नहीं मार पाएंगी। उन्हें करीब 3 साल तक रिंग से दूर बैठना पड़ा और मुंबई के बड़े अस्पतालों में उनकी दो कलाई की जटिल सर्जरियां की गईं।

लेकिन इस वीरांगना ने हार नहीं मानी। बेंगलुरु के रिहैब सेंटर में पसीना बहाकर उन्होंने साल 2025 के अंत में जो वापसी की, उसने सबको चौंका दिया। वापसी करते ही उन्होंने पहले चेन्नई में बीएफआई कप जीता, फिर वर्ल्ड कप और एशियन चैंपियनशिप में बैक-टू-बैक दो गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित कर दिया कि वे ग्लासगो में मेडल लाने की सबसे बड़ी भारतीय दावेदार हैं।

‘मिशन ग्लासगो’ की हाई-टेक ट्रेनिंग

बॉक्सर अरुंधति चौधरी (फोटो-पत्रिका)

वर्तमान में अरुंधति चौधरी पंजाब के पटियाला स्थित स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के हाई-परफॉर्मेंस नेशनल कैंप में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोचों की देखरेख में दिन-रात पसीना बहा रही हैं।

तैयारी की रणनीति: कॉमनवेल्थ गेम्स में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के बॉक्सर्स से मिलने वाली कड़ी चुनौती को देखते हुए अरुंधति के फुटवर्क और डिफेंसिव ब्लॉक को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

मेंटर्स का भरोसा: उनके बुनियादी कोच अशोक गौतम और ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (OGQ) की सपोर्ट टीम को पूरा भरोसा है कि अरुंधति जिस फॉर्म में इस समय चल रही हैं, उसे देखते हुए ग्लासगो में पोडियम पर स्वर्ण पदक और राष्ट्रगान की धुन गूंजना लगभग तय है।