Rajasthan JJM Projects: जयपुर। जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान में उपभोक्ताओं को अब मुफ्त में पानी नहीं मिलेगा। दरअसल, राजस्थान सरकार छह साल बाद जल जीवन मिशन (JJM) की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पॉलिसी (O&M) लागू होने जा रही है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद प्रदेशभर में जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन लेने वालों के लिए नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। ऐसे में जेजेएम कनेक्शनधारियों को हर महीने चार्ज देना होगा।
जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान सरकार ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। हमने इस पॉलिसी का फाइनल ड्राफ्ट राज्य सरकार को भेज दिया है। अभी इसे कैबिनेट से फाइनल मंजूरी मिलने का इंतजार है। बता दें कि जेजेएम केंद्र सरकार की एक अहम पेयजल परियोजना है, जिसे राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू किया गया है। इसका मकसद गांव-गांव में हर घर तक पाइप लाइन से नल का पानी पहुंचाना है।
हर गांव में क्लस्टर कमेटियां बनाने की योजना
प्रस्तावित नई पॉलिसी के तहत जिन घरों में जेजेएम से पेयजल की सप्लाई होती है, उन्हें हर महीने में 100 से 125 रुपए के बीच चार्ज देना होगा। ताकि जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखा जा सके। स्थानीय स्तर पर इस सिस्टम को संभालने के लिए सरकार हर गांव में क्लस्टर कमेटियां बनाने की योजना बना रही है। हर कमेटी का मुखिया सरपंच होगा। इसके अलावा जलदाय विभाग के दो इंजीनियर भी शामिल होंगे, जो तकनीकी कामों की निगरानी करेंगे। प्रदेशभर में कुल 41,986 क्लस्टर कमेटियां बनाई जाएगी।
जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस नई नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है तो जेजेएम योजना के तहत पानी मिलने वाले परिवारों को हर महीने भुगतान करना होगा। जेजेएम के दायरे से बाहर जिन ग्रामीण उपभोक्ताओं को पानी के कनेक्शन दिए गए थे, वे पहले से ही शुल्क दे रहे है।
अब तक 63 लाख से ज्यादा जेजेएम कनेक्शन
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेशभर में अब तक 63 लाख से ज्यादा जेजेएम कनेक्शन दिए जा चुके हैं। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, पाली और डीडवाना-कुचामन ऐसे कुछ ज़िले हैं, जहाँ JJM योजना के तहत सबसे ज्यादा कनेक्शन दिए गए हैं। हर महीने शुल्क लेने की व्यवस्था ग्रामीण आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से पर असर डालेगी।