Rajasthan ODOP Policy : राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद नीति (ओडीओपी)-2024 में दो महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। उद्योग वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि अब ओडीओपी उत्पाद से जुड़े उद्यमों को विस्तार पर भी मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, निजी संस्थानों के माध्यम से तकनीकी अपग्रेडेशन कर सकेंगे। इसके लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उद्योग वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि राज्य बजट 2026-27 में ओडीओपी इकाइयों को विस्तार के लिए भी मार्जिन मनी देने की घोषणा की गई थी। अब इस संशोधन से विस्तार करने वाली सूक्ष्म इकाइयों को 20 लाख रुपए और लघु श्रेणी इकाइयों को 15 लाख रुपए तक का मार्जिन मनी अनुदान मिल सकेगा। इसके लिए 15 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट का भी प्रावधान किया गया है। पूर्व में केवल नई इकाइयों को ही यह लाभ मिलता था।
निजी संस्थानों से भी कर सकेंगे तकनीकी अपग्रेडेशन
उद्योग वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि ओडीओपी नीति के तहत अब निजी संस्थानों के माध्यम से भी तकनीकी अपग्रेडेशन कर सकेंगे तथा इसके लिए पांच लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। पूर्व में यह लाभ केवल राजकीय संस्थानों के माध्यम से तकनीक अपग्रेडेशन करने पर ही दिया जाता था। इस बदलाव से ओडीओपी इकाइयां नवीनतम तकनीक और मशीनें आसानी से ले सकेंगी, जिससे कम ऊर्जा खपत के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हो सकेगा।
चयनित ओडीओपी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में सहायता
उद्योग वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि विभाग द्वारा ओडीओपी नीति के माध्यम से अधिक से अधिक इकाइयों को लाभान्वित कर उत्पादों को मजबूती देने का कार्य किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों। राज्य के चयनित ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में सहायता दी जा रही है। हाल ही में राजस्थान के पांच जिलों में कुल 18.19 करोड़ रुपए की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब और भंडारण के लिए स्वीकृति भी दी गई है।
1 मार्च से आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
राज्य बजट 2026-27 में ही ओडीओपी से जुड़े आवेदनों की जिला महाप्रबंधकों द्वारा ही स्वीकृति जारी करने संबंधी घोषणा की गई थी। उद्योग एवं वाणिज्यं विभाग द्वारा इसे गत एक मार्च को अधिसूचना जारी कर आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। जिसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
आवेदन ऑनलाइन करने के बाद एक फरवरी से अब तक प्राप्त 350 आवेदनों की स्वीकृति में पहले की तुलना में अब काफी कम समय लग रहा है।