Dholpur: चंबल नदी के तटीय इलाकों में अवैध बजरी खनन पर कड़ा पहरा

dholpur, सरमथुरा उपखंड स्थित चंबल नदी के तटीय इलाकों में अवैध खनन रोकने के लिए वन, पुलिस व खनिज विभाग ने संयुक्त गश्त शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद धौलपुर में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस संवेदनशील घाटों पर पैनी नजर रख रही है।

इसी क्रम में मंगलवार को वन, खनिज व पुलिस ने झिरी पंचायत स्थित चंबल नदी के तटीय क्षेत्र हल्लूपुरा, दुर्गसी घाट पर संयुक्त टीमों द्वारा गश्त कर बजरी खनन रोकने की कवायद की गई।। वही दोनो घाटों को संवेदनशील मानते हुए अधिकारियों ने बजरी खनन रोकने के लिए रास्तों को बंद करने सहित सतत निगरानी रखने के लिए वन व पुलिस अधिकारियों को पाबंद किया गया।

थानाप्रभारी हरेन्द्र सिंह ने बताया कि बजरी खनन रोकने के लिए संयुक्त टीमों द्वारा संवेदनशील घाट क्षेत्रों में नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच एवं अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। खनिज अभियंता पुष्पेन्द्र सिंह मीणा ने अवैध बजरी खनन एवं परिवहन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त माफियाओं को चिह्नत कर कानूनी कार्रवाई करने की हिदायत दी। वही चंबल नदी में संदिग्ध गतिविधियां प्रतीत होने पर तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचना देने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।

रेंजर देवेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि चंबल नदी में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस, वन एवं खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

-पर्यावरण संरक्षण व दुर्लभ जलीय जीवों की सुरक्षा करना मुख्य उद्देश्य:

थानाप्रभारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सुओ मोटो रिट याचिका तथा राजस्थान सरकार के निर्देशों की पालना में यह कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाना, पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना तथा दुर्लभ जलीय जीवों की सुरक्षा करना है। इसी क्रम में पुलिस अधिकारी गांवों और ढाणियों में जाकर लोगों को समझाइश भी की जा रही है। पुलिस के अनुसार इस अभियान का सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है।